हेलो दोस्तों, मेरा नाम मनीष है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. मैंने इस वेबसाइट पर बहुत सी कहानिया पढ़ी है, इसलिए मैंने भी सोचा, कि क्यों ना मैं भी आप लोगो के साथ अपनी कहानी बाटू. इसलिए मैं यहाँ पर अपनी कहानी लिख रहा हु. मेरी ऐज २५ इयर्स है और मैं एम्कॉम का स्टूडेंट हु. मेरे लंड की लम्बाई ६ इंच है चौडाई २.५ इंच है. ये कहानी मेरी और मेरी कजिन सिस्टर सोनिया के बीच की है. उसकी उम्र १९ साल है और वो १२थ क्लास में हैं. वो दिखने में बड़ी सेक्सी हैं. उसके गोल बूब्स हैं. मन करता हैं बस उसके बूब्स चूसता रहूँ.

मेरी जॉइंट फॅमिली है, जिसमे १२ मेम्बेर्स है. पहले मेरे मन में सोनिया के लिए ऐसी कोई फीलिंग नहीं थी. लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड के मुझसे ब्रेकअप के बाद, मैं अकेला रहने लगा था. मैं घर में भी सब से दूर ही रहने लगा था. मैंने किसी को बताया भी नहीं था, कि मेरी गर्लफ्रेंड है. तो मैं किसी को कुछ बता भी नहीं सकता था. सब लग घर में मुझ से गुस्सा हो गये थे. वो मुझसे गुमसुम रहने का कारण पूछ रहे थे और मैं किसी को कुछ नहीं बता पा रहा था.

इतने में सोनिया के एग्जाम आ गये और उसने मुझसे कहा – भैया, मेरे एग्जाम आने वाले है. क्या आप मुझे प्रिपरेशन में हेल्प कर दोगे? मैंने उसको हाँ कर दी और सोचा, चलो बीजी रहूँगा; तो गर्लफ्रेंड को भुलाने में आसानी होगी.

मैं सोनिया को रोज़ पढ़ाने लगा और इसी तरह उसके एग्जाम नजदीक आ गये. मैं रोज़ उसे जिस कमरे में पढ़ाता था, वो चाची का कमरा था और वो वहीँ उनके साथ सोती भी थी. एग्जाम से १ दिन पहले, मैं उसे पढ़ाता रहा देर रात तक. १२ बजे मैंने कहा, कि अब मैं सोने जा रहा हु. तुम भी सो जाओ. चाची ने कहा – तुम यहीं सो जाओ. रात में क्यों सबको परेशान करते हो. तो मैं वहीं सो गया.

पहले तो मैं सोया था, उसके बाद सोनिया का भाई, जो ४ साल का है, फिर सोनिया सोयी थी और फिर चाची लेटी थी. थके होने के कारण, मुझे जल्दी ही नीद आ गयी और मैं सो गया. रात को मुझे लगा, कि कोई मेरी बॉडी को सहला रहा है. मेरी एकदम से नीद खुल गयी और मैं जाग गया. मैंने देखा, कि सोनिया कम्बल के नीचे से मेरी बॉडी को सहला रही थी. पहले तो मुझे बहुत बुरा लगा, लेकिन चाची के पास में होने की वजह से, मैं कुछ नहीं कह पाया और फिर धीरे – धीरे, मैं भी एक्साइट हो गया. मैं थोड़ा सा हिला, इसलिए उसने अपना हाथ हटा लिया और उसके बाद उसने कुछ नहीं किया और मैं भी सो गया.

सुबह जब मैं उठा, तो वो एग्जाम देने चली गयी थी. लेकिन रात में जो हुआ था. उसके बारे में हम दोनों ने कोई बात नहीं की. लेकिन अब मेरा भी झुकाव सोनिया की तरफ हो गया था. उसके बाद, १ महीने तक हम दोनों के बीच में कुछ नहीं हुआ. उसके एग्जाम ख़तम हो जाने बाद, एक दिन मेरे पड़ोस में किसी के घर कोई पूजा थी. सभी लग वहीँ गये हुए थे. सोनिया घर में अकेले थी और खाना बना रही थी. मैं किचन में गया और उस से कहा – कुछ खाने को दो ना.. उसने कहा – थोड़ी देर रुको भैया. अभी देती हु. मैं वहीं खड़ा हुआ इंतज़ार करने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपनी तरफ पलटा और उसे किस करने लगा और तुरंत वहां से चले गया. लेकिन उसने कोई रिएक्शन नहीं किया. रात में जब हम सभी लोग टीवी देख रहे थे.. तो वो मेरे बगल में बैठी थी और उसने चुपके से एक कागज दिया. मैंने देखा, उसमे आई लव यू लिखा था. मैं वहां से उठ गया और अपने कमरे में चला गया. मैंने फिर उसी कागज पर आई लव यू टू लिखा और चुपके से उसे दे दिया. उसके बाद, राज हम दोनों को मौका मिलने पर, हम दोनों एक दुसरे को किस करने लगते.

२० दिन बाद, चाची अपने मायके चली गयी और सोनिया और उसका भाई एक साथ सोने लगे. एक दिन मैंने उस से कहा, कि क्या तुम रात को मेरे कमरे में आओगी? उसने पूछा – किस लिए? तो मैंने कहा – बस ऐसे ही बातें करेंगे. तो उसने मना कर दिया और मैं भी उसे ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया. लेकिन, मेरा दिल नहीं मान रहा था, कि वो नहीं आएगी, इसलिए मैं अपना डोर खुला छोड़ दिया था. रात में किसी के जोर से हिलाने पर मेरी नीद टूटी.

मैंने देखा, कि सोनिया मेरे पास बैठी हुई थी. मैं झट से उठ कर उसे किस करने लगा और भी मुझे किस करने लगी. थोड़ी ही देर में किस करने के बाद, मैंने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, तो उसने मेरा हाथ हटा दिया. मैंने दौबारा कुछ नहीं किया और कुक्ड देर बाद, उसने कहा – अब मैं जा रही हु. मैंने मना किया, लेकिन वो नहीं मानी और ये कह कर चली गयी, कि कोई जाग जाएगा, तो प्रॉब्लम हो जायेगी. इसी तरह हम राज रात को मिलने लगे और धीरे – धीरे मैं उसके बूब्स भी दबाने लगा. वो बड़े मज़े से अपने बूब्स को प्रेस करवाती थी. अब हम दोनों को जब भी मौका मिलता, तो हम अब सब करने लगते.

लेकिन, उसने कभी मुझे अपनी चूत को हाथ नहीं लगाने दिया. जब भी मैं चूसने की कोशिश करता, वो मेरा हाथ पकड़ लेती थी. और मैं ने भी कभी कोई जबरदस्ती नहीं की. एक रात वो मुझसे मिलने आई. हम दोनों राज रात की तरह अपना खेल खेल रहे थे. तभी मैंने कहा, कि जब तुम मुझे कुछ करने डौगी, तब ना तुमको बताऊंगा, कि बच्चा कैसे पैदा होता है. तो उसने कहा – ठीक है, तुम्हारी जो मर्जी हो वो कर लो. लेकिन मुझे बताओ तो. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और उस से कहा, ये है मेल पार्ट और जब ये मेल का पार्ट फिमेल पार्ट (मैंने अब उसका हाथ उसकी चूत पर रख दिया) में जाता है, तो इसमें से एक लिक्विड निकलता है, जिस से बच्चा पैदा करने का चांस बनता है. इसी तरह मैंने उसे सारी बातें बताई और उसकी चूत को चूसने की कोशिश की, लेकिन उसने चूसने नहीं दिया और कहा – जब मैं अगली रात आउंगी, तब चूसने दूंगी. अगले रात की कहानी.. मेरी अगली स्टोरी में….