हेलो दोस्तों, मैं सेक्स कहानी का बहुत बड़ा फेन आप लोगो के हाज़िर हु अपनी कामिनी (मेरी गर्लफ्रेंड) की कहानी लेकर. मेरी गर्लफ्रेंड कामिनी चेन्नई से है और उसका फिगर ३४ – २८ – ३६ है और अब तो वो बड चूका होगा. उसका फिगर कपड़े पहनने के बाद नहीं पता चलता, क्योंकि वो हमेशा ही ढीले – ढाले कपड़े पहनती है. उसे सुब्मिसेव सेक्स पसंद था और वो मुझ से हमेशा ही ये चाहती थी. खैर ज्यादा बोर ना करते हुए, मैं कहानी पर आता हु. एक दिन हम शाम को मिलने वाले था बिच पर, जहाँ पर अक्सर मिला करते थे. मैंने उसे फ़ोन कर के कहा – आज शाम ७ बजे बिच पर आ जाना. कामिनी आ तो जाउंगी, पर ज्यादा देर के लिए नहीं आ पाऊँगी, क्योंकि आज पापा घर होंगे. मैंने कहा – कोई बात नहीं, पर आज सिर्फ स्कर्ट और शर्ट पहन कर आना और नीचे ब्रा और पेंटी मत पहनना. कामिनी ने कहा – पर ऐसे तो सब को पता चल जाएगा.

मैंने कहा – नहीं पता चलेगा मेरा जान. तब तक तो अँधेरा हो जाएगा. कामिनी – ठीक है. मैं आपके लिए ऐसे ही आ जाउंगी. शाम को मैं उसका बिच पर वेट करने लगा था और जहाँ मैं वेट कर रहा था. उस से थोड़ा आगे बिच पर कोई आता जाता नहीं था. एकदम सुनसान थी वो जगह. थोड़े से टीबे और कुछ झाडिया थी वहां पर. कामिनी स्कूटी पर आई, तो मैंने देखा कि उसने अपने दोनों टाँगे एक साथ जोड़ी हुई थी. देखते ही मैं समझ गया था, कि उस ने नीचे कुछ नहीं पहना है. ठंडी हवा से उसके निप्पल खड़े हो चुके थे और शर्ट बाहर निकलने को बेताब हो रही थी. कामिनी – जैसे तुम चाहते थे, मैं बिलकुल वैसे ही आई हु. मुझे ठण्ड लग रही है. मैं – कोई बात नहीं. अभी गरमी कर देता हु इतना कह कर मैं उसे सुनसान पड़े बिच की ओर ले जाने लगा. कामिनी – कहाँ जा रहे हो? यहाँ पर बठेते है ना. यहाँ कोई नहीं है. आप मुझे आराम से किस कर सकते हो.

मैं – नहीं यार. यहाँ नहीं. थोड़ी दूर चलते है. जब हम सुनसान जगह पर पहुचे, तो मैंने उसे अपनी तरफ घुमाया और उसे किस करने लगा. मैंने अपनी जीभ उसके मुह में डाल दी और वो उसको चूसने लगी. साथ ही साथ मैंने उसकी स्कर्ट पीछे से उठा दी और उसकी गांड की दरार में धीरे – धीरे ऊँगली फेरने लगा. मैंने अपनी ऊँगली को उसकी चुतड से स्टार्ट करके उसकी चूत तक ले जानी स्टार्ट कर दी और फिर वापस सहला कर ले आता. कामिनी – आह.. स्स्स्स स्स्स्स लव यू जान… कोई आ जाएगा. मैं – कोई नहीं आएगा. कह कर मैंने उसे उल्टा घुमा दिया और उसकी स्टोल से उसके हाथ पीछे बांध दिए. कामिनी – प्लीज किसी होटल में चलो ना. फिर जैसे मर्जी इस्तेमाल कर लेना. नहीं मेरी जान, आज तो मैं तुझे अलग ही मज़ा दूंगा. इतना कर कर मैंने कामिनी को उल्टा घुमाया और उसकी पीठ से चिपक कर खड़ा हो गया. अब मेरा लंड उसकी चुतड की दरार से लगने लगा था. फिर मैंने उसके निप्पल और चुचियो को पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया.

कामिनी मोअन कर रही थी ह्हहः अहहाह मेरी जान.. स्स्स्स आआममम अहह्हः प्लीज अहहः इन्हें चूस लो तभी मैंने उसे झुकने को कहा और उसकी दोनों टाँगे फैला दी. अपनी जेब से मैंने एक क्रेजी बॉल निकाली, जिसमे मैंने सुई से लम्बा धागा पिरो कर उसमे गांठ बाँध दी थी. बॉल के दोनों तरफ, ताकि बॉल निकले नहीं. फिर मैंने उसको झुकाया और फिर मैं नीचे बैठ गया रेत में. मैंने फिर मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर उठा कर उसकी प्लास्टिक में घुसा दिया. पीछे से मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ फेरनी शुरू कर दी. कामिनी – आह्हह अहहाह, लव यू… वो पागल होने लगी थी. वो बोलने लगी थी, प्लीज चोद दो मुझे अब. वरना मैं मर जाउंगी… मुझे चोद अब. रहा नहीं जा रहा है मुझ से. जब उसकी चूत पूरी गीली हो गयी, तो मैंने अपनी ऊँगली से उसकी चूत में से उसका रस निकाल कर उसकी गांड पर लगा दिया और उसकी गांड को चिकना करने लगा. उसकी गांड के छेद को पूरी तरह से गीला करने के बाद, मैंने उस क्रेजी बॉल को अपने थूक से थोड़ा गीला किया और उसको धोरे – धीरे उसकी गांड में धकेलने लगा. कामिनी – आह.. अहहाह अहाहः.. आप ये क्या कर रहे हो? अब मुझे चोद भी दो.. अहः अहहाह अहहहा.. बॉल उसकी गांड में घुस चुकी थी और लम्बा धागा गांड से बाहर निकल कर लटक रहा था. मैंने मैंने खड़े होकर उसकी शर्ट के ऊपर के बटन खोलने शुरू कर दिए.

ऊपर के कुछ बटन खुलते ही, उसकी अन्दर से नंगी चुचिया बाहर आ गयी और उसकी नंगी चुचिया पर हाथ लगाते ही, मेरा लंड और भी कड़क हो गया. मैंने कुछ देर उसकी चुचियो सहलाने के बाद, उसका एक निप्पल माउथ में ले लिया और कस के चूसा. कामिनी – हाहाह अहहह अहहाह अहहाह ऊओहोहोह हहहः ऐसे ही चुसो मुझे. मुझे लगता है, जैसे कि मैं आप का चूस रही हु. मैं आने वाली हु अब.. और उसने अपने एक निप्पल को मेरे मुह निकलने के लिए अपनी छाती को हिलाया. और फिर दुसरे निप्पल को मेरे मुह में डाल दिया.. वो मोअन कर रही थी अहहाह अहहाह अहहाह स्स्स्स अहहाह ओहोहोहोहोह अहहहः… मेरे हाथ उसकी गांड पर थे. जिसे वो धीरे – धीरे हिला भी रही थी और बार – बार भीच भी रही थी. अब मैंने खड़े हो कर उसके दोनों निप्पल पर एक – एक नाइलोन का धागा थोड़ा टाइट करके बांध दिया. अब मेरा एक हाथ उसकी गांड को सहला रहा था और एक हाथ में उसके निप्पल पर बंधी डोरिया थी, जिन्हें मैंने थोड़ा नीचे खीच कर पकड़ा हुआ था और उसे अब मैं झाड़ियो की तरफ ले जा रहा था. उसकी गांड में तो वो बॉल पहले ही डाली हुई थी और हाथ पीछे बंधे भे थे.

झाड़ियो तक पहुच कर, मैंने अपना तन्न लंड बाहर निकाला और कामिनी के कंधे पकड़ कर उसे नीचे पंजो के बल बैठा दिया और कहा – अपनी गांड को भीच कर रख.. बॉल निकल ना जाए. आज मेरे लंड की गोलियों से चाटना शुरू करना. और मैंने उसके निप्पल पर बंधी डोरी खीच ली. इसी के साथ उतेजना की अधिकता से कामिनी आगगा अहहः अहहः मर गयी.. कहते हुए, पहली बार झड़ी और तेज – तेज साँसे लेने लगी. मैंने उसके बालो को पकड़ा और अपने लंड को उसके मुह में गुसा दिया. चल चूस इसे… अच्छी तरह से चूस… कामिनी लंड को बड़े ही प्यार से चूसने . कभी सिर्फ सुपाडा तो कभी पूरा अन्दर तक ले कर. उसने लंड मुह से बाहर निकाला और नीचे से लंड चाटने लगी. अहः अहहाह अहः अपना दूध मेरे अन्दर झाड़ना.. उम्म्म अहहाह अहः अहः. थोड़ी देर लंड चुस्वाने के बाद, मैंने उसे अब खड़ा किया और उल्टा घुमा दिया. अब मैंने उसके दोनों चुतड को खोला और अपना लंड उसमे फसाना शुरू कर दिया और उसको अपने से चिपका लिया. उसका मुह पीछे घुमा कर उसको चूमना और चुसना शुरू कर दिया.

अब तक वो दौबारा उतेजित हो चुकी थी.. अहः अहहाह लव प्लीज… अब चोद भी दो… अपना अन्दर डाल दो ना… उतेजना में, वो इसे ही बात करती थी.. जो मुझे अच्छा लगता था.. अब मैंने उसे वापस आगे झुका कर उसकी टाँगे फैला दी और धक्का लगाने के पहले धीरे – धीरे धागे को पकड़ कर बॉल को बाहर खीच लिया अगगागा अगगाग… बॉल निकल कर बाहर आ गिरी और फिर मैंने उस बॉल को उसकी चूत में डाल दिया और अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर रख कर धक्का मार दिया.. अहहहः अहहाह स्सस्सस्स पूरा डाल दो… मैंने भी धीरे – धीरे पुरे लंड को अन्दर डाल दिया और अपने लंड को उसकी गांड में उतार दिया. आहाहाह अहहाह लव… आप अन्दर होते हो, तो ऐसा लगता है, कि मैंने आपको अपने अन्दर ले रखा है और सारी उम्र आपसे से इसी तरह से चिपकी रहू अहः अहहाह अहहाह हाहाह… अब मैंने उसकी गांड मैं धक्के लगाते हुए, उसके निप्पल पर बंधे धागे को खीचना और चोदना शुरू किया. कामिनी ने भी पीछे धक्के लगाने शुरू कर दिए…

उसने अपनी गांड भिच्नी शुरू कर दी हाहाहा अहहाह अहहाह अहः ऊऊऊ लव मेरी जान… मैं झड़ रही हु… मुझे कस कर पकड़ लो.. मैंने भी कस – कस कर उसको ५ – ६ धक्के मारे और अपने लंड को उसकी गांड में जड़ तक घुसा दिया और ऐसे ही खड़ा हो गया. अहः अहः अहहाह.. लव मेरी जान.. पूरा अन्दर निकाल देना… एक बूंद भी अपने प्यार का बाहर मत निकालना. मैं उसकी वेस्ट नहीं करना चाहती हु. अहहह अहहाह अहहाह अहहाह अहः थोड़ी देर में, लंड ढीला हो कर बाहर आ गया. मैंने उसके हाथ खोले और उसकी चूत से बॉल को बाहर निकाल कर उसे ही दे दी. अब कपड़े ठीक करके, हम वापस आने लगे. दो बार झड़ने की वजह से वो मेरे कंधे पर सिर रख कर चल रही थी. कामिनी से रिलेशन टूटने के बाद, मुझे कोई ऐसी लड़की मिली ही नही.. ख़ैर, ये जिन्दगी बहुत लम्बी है. जल्दी ही मिल जायेगी. अगली कहानी आपको मैं तब ही सुनाऊंगा.. प्लीज मुझे बताया, कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी और अपने कमेंट यहाँ पर जरुर लिखना..