दोस्तों. कैसे है आप लोग? मैं सेक्स कहानी कि वेबसाइट का एक रेगुलर रीडर हु. तो मैंने सोचा, कि मुझे भी आप लोगो के साथ अपने सेक्स कहानी को शेयर करना चाहिए.मेरा नाम दिलशांत है. मैं अमृतसर के पास का रहने वाला हु. मैं बीऐ में स्टडी कर रहा हु. चलो अब मैं स्टोरी पर आता हु.  ये तब की बात है. जब मैं +२ में स्टडी कर रहा था. मेरी क्लास में काफी लडकिया थी. लेकिन मैंने उनमे कभी कोई इंटरेस्ट नहीं लिया.

क्योंकि मुझे एक लड़की बहुत अच्छी लगती थी. हमारे साथ ही पढ़ती थी वो. लेकिन वो मुझ से जूनियर थी. उसका नाम रागिनी था (नाम चेंज). मैंने बड़ी मुश्किल से उसको पटाया था. अभी हमारी फ्रेंडशिप को कुछ ही दिन हुए थे, कि उसने मुझ से कहा – मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकती हु. मुझे नहीं पता था, कि तुम इतने गंदे निकलोगे. मुझे कुछ भी समझ नहीं आया, कि वप ऐसे क्यों बोल रही थी.

फिर मेरे दोस्त ने मुझे बताया, कि हमारी क्लास की एक लड़की, जिसका नाम मनदीप है और वो तुझे पसंद करती है. उसने ही तेरी और रागिनी कि फ्रेंडशिप तुद्वायी है उसको झूठ बोल कर. पहले ओ मुझे बहुत गुस्सा आया, लेकिन फिर मैं शांत हो गया. कुछ दिन ऐसे ही गुजर गए.

मनदीप देखने में सुंदर थी. ३२ – २८ – ३२ का फिगर होगा उसका. एकदिन मैं एक स्टोरी रीड कर रहा था, कि मुझे ख्याल आया, कि रागिनी नहीं मिली तो क्या हुआ, मनदीप को ही चोदा जाए.

फिर मैंने मनदीप को प्रोपोज किया और उस ने उसी टाइम हाँ कर दी. जब फ्री पीरियड में क्लास में कोई नहीं होता था, तो हम दोनों क्लास में आ जाते थे. मैंने उसको क्लास में कई बार किस किया था और कितनी ही बार उसके बूब्स को दबाया था. इस से ज्यादा कुछ भी नहीं कर पाए थे हम लोग.

फिर हमारे एग्जाम हो गए. हम दोनों ने अलग – अलग एडमिशन लिया था. हमारी फ़ोन पर बातें होती थी. बट मुझे तो उसको चोदने का मन था.

मैंने उस से मिलने को कहा, वो मान गयी. उसकी एक बड़ी बहन थी, जो उसके साथ ही स्टडी कर रही थी. उस ने अपनी सिस्टर को मेरे बारे में बता दिया था. फिर उसने फ़ोन कर के कहा – सैटरडे मिलेंगे. मुझे बहुत ख़ुशी हो रही थी. ये मेरा पहला सेक्स अनुभव होने वाला था.

मैंने दोस्त को फ़ोन किया, उसका नाम प्रीत है. उसके पापा बैंक में जॉब करते है और माँ टीचर है. दिन में इसलिए वो अकेले ही रहता है घर में. मैंने उसको ये सब बताया और वो मान गया.

फिर सैटरडे, मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को कहा, कि १० बजे घर से निकले. ताकि प्रीत के माँ और डैड अपने – अपने काम पर जा चुके हो. फिर मुझे १०:३० पर मनदीप का फ़ोन आया और उसने कहा, कि कहाँ तो तुम? तो मैंने उसको सब रास्ता समझा दिया. वो अपनी बड़ी सीस के साथ प्रीत के घर पर आ गयी. फिर हम लोगो कि बातें हु. फिर मैंने मनदीप को इशारा किया, कि चलो हम दोनों रूम में चलते है. उस दिन उसने ब्लैक ड्रेस पहनी थी. काफी सुंदर लग रही थी वो.

हम दोनों कमरे में चले गए. उसकी सीस मुझे घुर कर देख रही थी. बट मैंने इग्नोर कर दिया. बाहर हॉल में प्रीत और मनदीप कि सीस बातें कर रहे थे. हम दोनों कमरे में आ गए. मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसको किस करने लगा. फिर उसने अपना फेस मेरी तरफ किया और हम दोनों किस करने लगे. किस करते हुए मैं उसके बूब्स को प्रेस कर रहा था.

५ – १० मिनट ऐसा करने के बाद, मैंने उसकी शर्ट निकाल दी और उसने वाइट ब्रा पहनी हुई थी. क्या लग रही थी वो. मैंने बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही किस किया. फिर मैंने उसकी ब्रा को खोला और बूब्स चूसने लगा. वो भी फुल एन्जॉय कर रही थी. उसको काफी मजा आ रहा था.

फिर मैंने उसके पेट पर किस किया. मैंने अब उसकी सलवार भी उतार दी. अब वो मेरे सामने सिर्फ एक ब्लैक पेंटी में थी. मैंने जल्दी से उसकी पेंटी भी उतार दी. उसकी चूत एकदम साफ़ थी, एक भी बाल नहीं था उसकी चूत पर. जैसे उसने चूत को आज ही साफ़ किया हो. उसकी लाल चूत को देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी चूत किसी पागल कुत्ते की तरह से चाट रहा था.

मनदीप का बुरा हाल था. शायद उसकी भी पहली चुदाई थी. उस से कण्ट्रोल नहीं हो रहा था. वो बीएड पर उछल रही थी और उसके मुह से अहहाह अहहाह अहः ऊऊफ़्फ़ुफ़.. की आवाज़े आ रही थी. फिर उसने मेरा सिर पकड़ लिया और उसको चूत में आगे – पीछे करने लगी. फिर उसने कहा – मेरे पेट में कुछ – कुछ हो रहा है और वो एकदम से झड गयी.

फिर मैं खड़ा हुआ और उसको किस किया. मैंने फिर अपनी शर्ट और पेंट उतारी. उसने मेरे अंडरवियर से मेरे लंड को० बाहर निकाला. मेरा लंड पूरा टाइट हो चूका था. फिर वो उसे हिलाने लगी. मैंने उसको किस करने को कहा. पहले तो उसने मना किया, लेकिन मेरे फ़ोर्स करने पर उसने मेरे लंड को किस कर दिया.

वो पहली बार ये सब कर रही थी. उस से अच्छे से किस नहीं हो पा रहा था. फिर मैंने उसको टांगो को फैलाने को कहा. मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और उसकी चूत पर फेरने लगा. वो वर्जिन थी अभी और पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी. मैंने अपना लंड एक झटके में उसकी चूत के अन्दर भेज दिया. वो चीख पड़ी.

अह्ह्ह.. मर गयी. बाहर निकालो अभी… बाहर निकालो अपने लंड को. प्लीज मुझे नहीं करना ये सब.. प्लीज मुझे बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज बाहर निकालो. मैंने जल्दी से अपना हाथ उसके मुह पर रख कर उसके मुह को बंद कर दिया. दर्द ज्यादा होने के वजह से उसने मेरे हाथ को काटना शुरू कर दिया. वो मेरी पीठ पर नाख़ून मारने लगी.

बट मैं कहा रुकने वाला था . थोडा शांत होने के बाद, मैंने एक और शॉट मारा और पूरा का पूरा लंड उसके अन्दर चला गया. उसकी आँखों में आंसू आ गए थे. मैं ऐसे ही पड़ा रहा. फिर जब वो कुछ देर बाद शांत हुई, तो मैंने लंड को आगे – पीछे करना शुरू किया.

उसको दर्द हो रहा था. लेकिन अब मजा भी आने लगा था. अब वो खुद ही कह रही थी. और जोर से करो.. मजा आ रहा है. मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और उसको किस भी करना शुरू कर दिया था. मुझे गिला होने का अहसास हुआ. उसकी चूत से खून निकल रहा था. फिर मैंने उसको डोगी स्टाइल में किया और लंड को एक जोर के झटके के साथ ही उसकी चूत में डाल दिया.

वो मस्ती में सिसकिय रही थी और जोश बढ़ने के लिए बोल रही थी – और जोर से.. और जोर से.. मजा आ रहा है. मुझे भी जोश आ गया और मैंने भी अपनी स्पीड में फुल पेस कर दिया और उसकी चुदाई करने लगा. करीब २५ मिनट के बाद, मैं उसकी चूत में झड गया. फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया. वो अब तक ३ बार झड चुकी थी.

५ – १० मिनट के बाद, वो मुझे किस करने लगी थी और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने उसे डोगी स्टाइल में होने को कहा. फिर मैंने उसकी गांड में फिंगर डाली. लेकिन उसकी गांड बहुत ज्यादा टाइट थी. मैं पूरी तरह से कोशिश कर रहा था. फिर मैंने उसकी गांड पर थोड़ी सी क्रीम लगा दी और मल कर उसको एकदम चिकना कर दिया. फिर मैंने थोड़ी क्रीम अपने लंड पर भी लगा ली.

फिर मैंने एक ही शॉट में अपने लंड को उसकी गांड में डाल दिया. वो जोर से चिल्लाई… मरर्र्रर्र्र गयी… मेरी गांड फट जायेगी…. बाहर निकालो इसे.. जल्दी करो… प्लीज…जल्दी से निकालो इसको बाहर. वो खुद को मुझ से बाहर करने लगी. लेकिन. मैं कहाँ मानने वाला था. मैं आज उसको कतई भी छोड़ने के मूड में नहीं था. फिर थोड़ी देर के बाद वो शांत हो गयी और अपनी गांड को हिलाने लगी.

मैंने भी अपनी स्पीड तेज कर दी. वो भी अब एन्जॉय करने लगी थी. वो कहने लगी थी… फक मी हार्ड बेबी.. फक मी हार्ड.. कम ओन.. हार्ड कर ना.. और तेज से चोद मुझे… ये सब सुन कर मेरा भी जोश बढ़ गया. मैं उसकी गांड पर थप्पड़ मार रहा था. उसकी गोरी – गोरी गांड एकदम लाल हो चुकी थी सूज कर. फिर ३५ मिनट के बाद, मैं उसकी गांड में ही झड़ गया. वो एकदम से उलटी ही बिस्तर पर गिर गयी और फिर मैं ऐसे ही उसके ऊपर लेट गया.

तो दोस्तों, कैसी लगी आप को मेरी ये पहली सेक्स कहानी मेरी गर्लफ्रेंड मनदीप के साथ. जो मैंने अपने एक दोस्त के घर में और उसकी बड़ी बहन के सामने किया था. मुझे तो बड़ा मजा आया उसके गोरे जिस्म के साथ खेलने में. क्या मेरी सेक्स कहानी पढ़ कर आप के अन्दर कुछ हुआ? तो दोस्तों, मुझे बताना, कि आप को मेरी लाइफ का ये रियल अनुभव कैसा लगा? मुझे मेरी सेक्स कहानी पर आप लोगो के कमेंट का इंतज़ार रहेगा.