नैना आंटी की ज़ोरदार सेक्स क्लासेज ने मुझे एक उभरता हुआ चूत का शिकारी बना दिया था जिसका पहला शिकार बनी उन्ही की बेटी टीना जो उस वक़्त इंजीनियरिंग फाइनल इयर में पढ़ रही थी. टीना ख़ूबसूरती और सेक्सीनेस में नैना आंटी से भी दो कदम आगे थी वो कपडे ही ऐसे पहनती थी कि उस पर पूरी कॉलोनी के लड़के फ़िदा थे, उसकी दोस्ती तो बहुतों से थी मगर उसके किसी बॉय फ्रेंड के बारे में कभी नहीं सुना था क्यूंकि वो बस कॉलेज जाती और फिर ट्यूशन और फिर बस घर. वो जब कॉलेज या ट्यूशन होती तब ही मैं नैना आंटी को चोदने वहां जाता था, उसके सामने तो मैं वैसे कभी जाता नहीं था पर कभी ऐसा मौका लग भी गया तो मैं नैना आंटी से  बड़े ही रेस्पेक्ट से व्यवहार करता.

टीना मेरे साथ बचपन में तो खेलती थी लेकिन बड़े हो कर मैं ही इधर उधर बिजी रहने लगा और खास तौर पर उस से मुलाक़ात कम हो गई, एक दिन जब मैं नैना आंटी की गुज़री जवानी पर अपने तूफानी लंड का कहर ढा कर उनके घर से बाहर निकला तो देखा टीना अपनी स्कूटी पार्क कर ही रही थी. मैंने उसे हाय किया तो उस ने भी हेल्लो से जवाब दिया और मुस्कुराकर आँखें नीची कर के अन्दर चली गई. मुझे लगा की गुरु ये तो एक ही घर में दूसरा चांस मिल रहा है और वो भी एक दम नई लौंडी के साथ.

टीना सुन्दर तो थी ही साथ ही एक दम मासूम सी दिखती थी, उसके होंठ उसके गाल उसकी आँखें उसके बाल उसका खिलता हुआ रंग और सबसे मजेदार भरे भरे मम्मे जो बिलकुल आगे जा कर उसकी माँ के जैसे होने वाले थे क्यूंकि आखिर अब मैं जो उन पर मेहनत करने की ठान चुका था. टीना का जिस्म एक दम परफेक्ट था, बड़ी गांड, पतली कमर और बड़े मम्मे जो उसकी उम्र के लिए तो परफेक्ट थे और मेरे लिए मेरे नए खिलौने.

अब मैं अक्सर टीना के लिए नैना आंटी के घर, टीना के कॉलेज और ट्यूशन के चक्कर काटने लगा लेकिन मुझे वो मिली भी तो कहाँ मेरे डैड के ऑफिस में. टीना वहां अपने कॉलेज के फेस्ट के लिए स्पॉन्सरशिप लेने आई थी. डैड ने ये काम मुझे देखने को कहा तो मेरी तो जैसे लॉटरी निकल गई, मैंने टीना की पूरी प्रेजेंटेशन देखी वो जैसे जैसे एक एक स्लाइड दिखा और समझा रही थी मैं उसके पी पी टी की बजाए उसके जिस्म पर ध्यान दे रहा था और सोच रहा था कि कब ये खुदा की बेहतरीन कारीगरी मेरी बाहों में होगी.

टीना ने प्रेजेंटेशन के आखिर में मुझसे पूछा “तो क्या पोजीशन लेना चाहोगे” मैंने फ़्लर्ट करने के अंदाज़ में पूछा “मतलब ! तुम क्या देना चाहोगी” तो वो मुस्कुरा कर बोली “डोंट बी टू स्मार्ट, मैं स्पॉन्सरशिप के बारे में बात कर रही हूँ”. मैंने टीना को खुश करने और डैडी की डांट से बचा रहने के लिए को स्पॉन्सरशिप ले ली, इसका एक और फ़ायदा ये हुआ की टीना के कॉलेज में मुझे मैन इवेंट में एज़ अ गेस्ट जज भी बुलवाया गया. ये मेरे लिए एक सुनहरा मौका था टीना के और करीब जाने का क्यूँकी पूरा इवेंट वही को ओर्डीनेट कर रही थी.

आखिर वो दिन आया जब मैं टीना के कॉलेज गया और जो वहां मेरा इंट्रोडक्शन हुआ एक उभरते हुए बिज़नस पर्सन की तरह तो मैं भी फूल के चौड़ा हो गया, खैर प्रोग्राम शुरू हुआ और लम्बा चला लेकिन मेरा सारा ध्यान टीना की तरफ ही था. वो इतनी सुन्दर लग रही थी की मुझे लगा अब मुझे उस से प्यार हो जाएगा पर उसकी माँ ने ही मुझे शिकारी बनने की ट्रेनिंग में सिखाया था कि असली शिकारी कभी शिकार से शादी करने की नहीं सोचता. बेचारी नैना को क्या पता था की उसकी ट्रेनिंग सबसे पहले उसकी अपनी बेटी पर ही काम आएगी.

वहां से निकलते वक़्त मैं रस्ते में एक चाय की थड़ी पर रुक गया और सिगरेट पीते पीते सोचने लगा की कैसे टीना को फांदे में लिया जाए, और मुझे टीना वहां से स्कूटी पर जाते हुए दिखी. मैं तुरंत गाड़ी में बैठा और ड्राईवर को गाड़ी चलने को कहा, आगे जा कर एक जगह टीना की स्कूटी रुक गयी लेकिन हमारी गाड़ी चलती रही. टीना की स्कूटी से कुछ आगे चल कर मैंने ड्राईवर को गाड़ी रोकने के लिए कहा और खुद उतर कर टीना के पास पहुँचा जो स्कूटी को किक मार रही थी, मेरे पूछने पर उसने बताया की चलते चलते रुक गई है और अब स्टार्ट भी नहीं हो रही.

मैंने ड्राईवर को बुलाया और उसे कहा कि टीना की गाड़ी ठीक करवा कर उसके घर छोड़ दे और खुद टीना को बिठा कर वहां से निकल गया, रस्ते में मैंने अपने फवोरित सोंग्स वाली पेन ड्राइव लगा ली. हम दोनों गाने सुनते सुनते घर जा रहे थे कि मैंने टीना से कॉफ़ी के लिए पूछा तो पहले तो वो मुस्कुराई और फिर हाँ कर दिया. हम कैफ़े पहुंचे और कॉफ़ी के साथ ढेर सारी बातें की नम्बर्स भी एक्सचेंज किए, टीना की बातों से लग रहा था की वो भी मुझमें इंटरेस्टेड है.

उस रात हम दोनों में काफी मेसेजिंग हुई, सुबह उसका गुड मोर्निंग कॉल भी आया तो मुझे कन्फर्म हो गया कि टीना अब मेरे चक्कर में आ चुकी है. कुछ दिन ऐसे ही मिलने जुलने के बाद एक दिन मैंने टीना को लॉन्ग ड्राइव पर चलने के लिए पूछा और उसने हाँ भर ली तो मेरा मन बल्लियों उछलने लगा पर उसने अपनी मम्मी या मेरी मम्मी को इस बारे में बताने से मना किया तो मुझे लगा कि इसकी क्या ज़रुरत थी दोनों फैमिलीज़ एक दुसरे को जानती तो हैं ही.

खैर टीना के कहे अनुसार मैं उसे लेने के लिए मॉल पहुँचा जहाँ उसने अपनी स्कूटी पार्क की थी और हम दो मस्ताने निकल पड़े हाईवे पर जहाँ से हम ताला नदी टूरिस्ट स्पॉट पर पहुंचे, अभी टूरिस्ट सीजन नहीं था तो वहां इक्का दुक्का ही लोग थे. हम दोनों ने नदी किनारे बैठ कर बहुत सी बातें की और वापस कार में आ कर बैठ गए क्यूंकि ठण्ड बढ़ने लगी थी और हम गर्म कपडे भी नहीं ले थे. कुछ देर तक वही अपने फवोरित सोंग्स सुनते रहे और साथ में पैक करवा कर लाया गया खाना खाया.

टीना मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी तो मैंने पूछा “क्या हुआ” उस ने मेरे गले लग कर मुझे टाइट पकड़ लिया और कहा “कुछ नहीं, बस यूँही”. ये मेरे लिए थोड़ा हैरानी भरा था क्यूंकि हम दोनों तो दोस्तों की तरह ही साथ थे ये अचानक हग क्यूँ. मैंने उसके बालों में हाथ फिराया और उसके होठों पर हलकी सी पप्पी ले ली, टीना पहले तो शरमाई लेकिन फिर उस ने भी मेरा ऐसा स्मूच किया की मुझे मज़ा आ गया. मैंने पूछा “टीना क्या तुम्हे मुझ से प्यार हो गया है” तो बोली “पता नहीं लेकिन मुझे लगा की तुम्हे हग और किस करना चाहिए तो मैंने कर दिया”.

मैंने फ़्लर्ट करने के अंदाज़ में कहा “अच्छा और भी कुछ लग रहा है क्या” तो वो बोली “हाँ मेरे बूबिज़ भारी हो रहे हैं और निप्प्ल्स टाइट”. एक दफे तो मैंने सोचा कि गुरु कहीं ये मेरे और नैना के बारे में जानती तो नहीं पर फिर अपनी सोच को साइड में रख कर मैंने उसे बाहों में भर कर कहा “ऐसा होता है, जब आपको किसी के लिए सेक्सुअल विचार आते हैं तो”. अब उस ने मुझे देखा मुस्कुराई और बोली “देखो मैंने तुम्हे बचपन से पसंद करती हूँ और जब भी अकेले में सोचती थी तो यही लगता था की जब भी करुँगी तुम्हारे साथ ही करुँगी”.

ये सुन कर मैं सातवें आसमान पर पहुँच गया लेकिन फिर उसने पूछा “तुमने पहले कभी किसी के साथ किया है” तो मैंने सफ़ेद झूठ बोलते हुए कहा “नहीं किया तो नहीं है पर चिंता मत करो आता सब कुछ है” वो शर्मा गई और फिर से मुझसे लिपट गई. मैंने कहा देखो टीना शरमाओगी तो सेक्स करोगी कैसे तो वो बोली तुम्ही बताओ ना सबसे पहले क्या करूँ” अब बस मैं उसको वो सिखाने वाला था जो उसकी माँ नैना आंटी ने मुझे सिखाया था. सबसे पहले मैं उसे गाड़ी की पिछली सीट पर ले गया और प्यार से उसके नर्म नर्म होठों को चूमने लगा वो भी इस में बराबर मेरा साथ दे रही थी.

मेरी जीन्स में मेरा लंड फडफडा रहा था और उधर टीना की साँसें तेज़ चलने लगी थी, हम दोनों जवानी की आग में जल रहे थे और एक दुसरे को बेतहाशा चूम रहे थे. मैंने टीना की लेग्गिंग्स के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ लगाया तो मुझे वहां गीलापन महसूस हुई, मैंने टीना से कहा कि यहाँ कार में टूरिस्ट प्लेस पर करना सेफ नहीं होगा इसलिए हम वहीँ पास में हमीद अंकल के फार्म पर चलने को कहा क्यूंकि हमीद अंकल के फार्म का चौकीदार अल्ताफ मेरा दोस्त सा बन गया था और हम अक्सर वहीँ दारू पार्टी करते थे और किसी को खबर नहीं होती थी.

टीना मान गई वो अब भी तेज़ साँसें ले रही थी, मैंने गाड़ी तुरंत हमीद अंकल के फार्म की तरफ बढ़ाई और रस्ते भर टीना के भरे भरे जवान बूबिज़ को मसल रहा था और वो मेरे लंड को. वहां पहुँच कर मैंने गाड़ी खलिहान के पीछे गेराज में लगाई अल्ताफ को पैसे दे कर कुछ खाने को और वोडका की एक बोतल मंगवा ली और मुझे परेशान न करने को कहा. अल्ताफ मुस्कुरा कर चला गया और मैं टीना को ले कर फार्म हाउस के अपने पसंदीदा कमरे की तरफ गया.

टीना अब खुल कर मेरे गले लग गई और मुझे जगह जगह चूमने लगी तो मैंने कहा “स्लोली करोगी तो और मज़ा आएगा उसने पूछा कैसे तो मैंने उसके कान के पीछे अपनी ऊँगली रखी और हौले हौले खिसकाता हुआ गर्दन तक ले आया वो सिसक रही थी और मेरी ऊँगली आगे बढ़ रही थी. टीना ने कहा “तुम मुझे पागल कर दोगे” मैंने कहा “जान अभी तो शुरू किया है” मेरी ऊँगली अब उसके टॉप में घुस रही थी और जल्दी ही मैंने उसके बूबिएज़ के बीच छू लिया जिस से उसका पूरा बदन झुरझुरा गया. मैंने उसके टॉप के बटन खोले और उसका एक कन्धा बाहर निकाल कर उसे चूमा फिर दूसरा कन्धा और धीरे धीरे मैंने टॉप उतार दिया.

ब्लैक ब्रा में उसके उभरते हुए मम्मे बहुत टाइट और सेक्सी लग रहे थे, टीना की आँखें बंद थी और वो गहरी साँसें ले रही थी मैंने धीरे से उसके उठते गिरते मम्मों को अपने होठों से छूने लगा. टीना कहने लगी “मैं पागल हो रही हूँ” मैंने कहा “आराम से मेरी जान अभी पागलपन के लेवल क्रॉस करोगी तुम”. मैंने उसके पूरे बदन पर अपनी होंठ फिराते हुए उसकी लेग्गिंग्स भी उतार दी उसने पेंटी नहीं पहनी थी और उसकी एक दम नयी कुँवारी चूत मेरे सामने थी.

मैं अब भी उसके बदन पर अपने होंठ फिरा रहा था, उसकी पिंडलियों जाँघों और गांड को चूमते हुए जब मैं वापस उसकी पीठ पर पहुँचा तो टीना बोली “उफ़ मैं मर जाऊँगी यार तुम क्या कर रहे हो” मैंने कहा “अभी नहीं अभी ज़रा रुक कर मरना” तो वो हँस पड़ी. मैंने उसकी ब्रा खोली तो उसके मम्मे बाहर निकल आए जिन्हें मैंने उसके पीछे खड़े हुए हले से पकड़ लिया और अपने होंठ फिरना जरी रखा, अब मैं उसे चूम भी रहा था और उसके मम्मे मसल रहा था और टीना एक हाथ से मेरे लंड को मसलने लगी.

टीना ने कहा “प्लीज़ मुझसे रहा नहीं जा रहा” तो मैंने कहा “तुम बस थोड़ी देर शान्ति रखो अभी बहुत कुछ होगा” और उसकी चूत में ऊँगली डालकर उसकी चूत के दाने को सहलाने लगा, टीना अपना होश खो रही थी और बोली “प्लीज़ तुम मुझे फक कब करोगे” मैंने कहा “टीना रानी करूँगा फक भी करूँगा पहले तुम गरम तो हो जाओ” तो उसने कहा “मैं तुम्हारे हाथ जोडती हूँ प्लीज़ फक मी”. बस ये सुनते ही मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उस से कहा “अब तुम मेरे कपडे उतारोगी” ये सुनते ही तीन ने एक ही झटके में मेरा टी शर्ट और जीन्स उतार दिए.

टीना मेरे अंडरवियर को उतारते हुए बोली “देखो हालाँकि मैंने पहले फक नहीं किया है तो ये तुम्हारा लंड धीरे धीरे ही डालना और दर्द हो तो प्लीज़ निकाल देना ओके” मैंने कहा “तुम चिंता मत करो ना बस मज़े लो आज की जॉय राइड के”. टीना मुस्कुराई और बोली “तुम पर मुझे भरोसा है, तुम बहुत अच्छे से करोगे” मैं खुश हुआ और एक हाथ से टीना की चूत और दुसरे हाथ से उसके मम्मे सहलाने लगा साथ ही मैंने अपना लंड टीना की चूत पर टिका कर उसे बाहर ही बाहर रगड़ने लगा.

टीना रह रह कर सिसकारियाँ भर रही थी और मैंने हौले से अपना लंड उसकी चूत में सरका दिया तो वो ऊऊह्ह कर के चिहुँक उठी, मैंने पूछा “जान दर्द तो नहीं हुआ ना” तो बोली “थोडा सा हुआ पर तुम करते रहो” अब मैंने अपना लंड आधा टीना की चूत में घुसा कर पूछा “अब हुआ क्या दर्द” तो वो बोली “आआह्ह्ह हाँ हो तो रहा है पर प्लीज़ करो ना जैसे तुम मम्मी के साथ कर रहे थे”. भेनचोद मेरे तो तोते उड़ गए और मैंने डर के मारे लंड उसकी चूत से बाहर खींच लिया, टीना ने कहा “बाहर क्यूँ निकाल लिया अन्दर डालो और मुझे वैसे ही फक करो जैसे मम्मी को कर रहे थे नहीं तो मैं सबको सब कुछ बता दूंगी”.

मैंने लंड दोबारा टीना की चूत में फंसाया और हौले हौले धक्के लगाने लगा, अब टीना भी मेरी रौ में बह गई और उछल उछल कर मेरा साथ देने लगी. मैंने एक दफे और टीना से पूछा “तुमने कब देखा म्मुझे तुम्हारी मम्मी के साथ” तो वो चुदते हुए ही बोली “उस दिन जब तुम और मैं मेरे घर के बाहर मिले थे उसी दिन मैंने सारा कुछ देख लिया था”. मैंने मुस्कुराते हुए कहा “तो तभी से तुम मेरे साथ करना चाहती थी” उसने कहा “हाँ क्यूंकि जितने प्यार से तुम मेरी मम्मी को फक कर रहे थे, मुझे भी उतने ही प्यार से हैंडल करने वाला आदमी चाहिए था”.

टीना हालाँकि फर्स्ट टाइम कर रही थी लेकिन उसका होल्ड काफी लम्बा रहा, मेरे धक्के और उसकी चीखें रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी वो मुझे नोच और काट रही थी और साथ में चिल्ला भी रही थी “फक मी – फक मी ऊऊओह्ह्ह फास्टर प्लीज़ फास्टर” मैं ख़ुशी ख़ुशी टीना को चोद रहा था और मन ही मन नैना आंटी को ऐसी शिक्षा और ऐसी बेटी देने के लिए थैंक्स भी बोल रहा था. टीना की आवाजें और तेज़ हुई और वो झड़ गई लेकिन मैं अभी लगा पड़ा था मैंने उसे चोदना जारी रखा, टीना ने कहा “ये अब और भी अच्छा लग रहा है कंटिन्यू रखो ये धक्के”.

टीना की साँसें गज़ब की तेज़ आ जा रही थी और मेरी भी लेकिन मेरी प्यास नहीं बुझ रहीथी तो मैं टीना को चोदने का मोह छोड़ नहीं पा रहा था, मैंने टीना के होंठों को चूमना शुरू किया और एक हाथ से उसके मम्मों को मसलता भी रहा. टीना जोश में आ गयी थी और चुदते चुदते उस ने मेरे होंठों को काटना शुरू किया, वो अब अपने हाथों से मेरी गांड पर चांटे मार रही थी जैसे उसकी माँ ने उस दिन मारे थे और नैना आंटी की याद आते ही मेरे लंड का कण्ट्रोल छूटने लगा इधर टीना भी दोबारा झड़ने के लिए तैयार थी. दो तीन झटकों के साथ मैं टीना की चूत में ही ख़ाली हो गया और वो भी उसी वक़्त हलकी हो गई.

हम पास पास नंगे लेट गए, मैंने अब भी टीना के मम्मों से खेल रहा था और वो मेरे लटके हुए लंड को सहलाते हुए मुझे चूम रही थी, फिर उसने मुझे उस दिन की कहानी सुनाई कि कैसे उसने मुझे और अपनी माँ को चुदाई करते हुए देखा था और उस दिन से ही वो मुझ से ही चुदना चाहती थी. तब तक अल्ताफ खाना ले कर आ गया था, हमने वोडका पी खाना खाया और फिर चुदाई में व्यस्त हो गए और पूरी शाम बस उसी में गुज़ार दी फिर मैंने तीन को घर छोड़ा. टीना की शादी मेरे बचपन के दोस्त गौरव से होने तक मैंने उसे अमूमन रोज़ ही चोदता था, लेकिन टीना के जाने के बाद मेरा साथ दिया उसके चाचा की लड़की ने, उस कहानी में भी काफी रस है जो मैं आपसे शेयर करूँगा फ़िलहाल उसकी एक सेल्फी स्टोरी के साथ शेयर कर रहा हूँ आपके मजे के लिए.