हेलो फ्रेंड, कैसे है आप लोग? मेरा नाम गौरव है और मैं वाराणसी से हु. मेरी ऐज २१ साल है और मैंने यहाँ से अभी अंडरग्रेजुएट में पढाई कर रहा हु. आज जो कहानी मैं आपके साथ शेयर करने जा रहा हु. वो ओक्टोबर २०१४ की है. दोस्तों, मैं आपको बता दू, कि मैं मुंबई का रहने वाला हु और पापा ने मुझे पढाई करने के वाराणसी भेजा था ४ साल पहले. मैंने यहाँ पर रह कर कुछ दोस्त बनाये, कुछ गर्लफ्रेंड भी और कुछ की चुदाई भी की. चलो, अब आपको बोर नहीं करते है और अपनी स्टोरी शुरू करते है. दिवाली में मैं अपने घर मुंबई से लौट रहा था. भाई ने कहा – फ्लाइट से चले जा. पर मेरा मन नहीं था. मैंने सोचा था, कि फ्लाइट से जल्दी पहुच कर कोई फायदा नहीं है. ट्रेन में आराम से मज़े लेता हुआ जाऊंगा. सो मैंने अपने लिए महानगरी की ऐसी की टिकेट करवा ली. वेटिंग था. मैंने कोटा लगवा कर कन्फर्म करवा लिया, मुझे साइड ऊपर मिला. सो मैं टाइम से स्टेशन पर पहुच गया. मैंने देखा, कि ट्रेन आ चुकी थी और स्टेशन पर दिवाली होने की वजह से बहुत भीड़ थी. सो मैंने ट्रेन में चढ़ गया और अपनी बर्थ पर आ गया. मेरे बर्थ के उस साइड में एक कपल और ओल्ड मेन थे.

फिर मैंने सोचा, कि साइड लोअर में कौन होगा? मैंने सोचा, जो भी होगा.. अभी तो मैं यहीं बैठता हु. कुछ देर बाद एक मैरिड वीमेन आई. ऐज लगभग ३२ के आसपास होगी. लेकिन क्या बताऊ दोस्तों, एकदम माल लग रही थी वो. साइज़ होगी ३४ – ३६ – ३८. उसके मस्त बूब्स. वो आई और बोली – एक्स्क्यूज मी, ये मेरी सीट है. मैंने कहा – ओके मेम. आप बैठ जाओ. मेरी सीट ऊपर वाली है और मैंने ऊपर की ओर इशारा कर दिया. उसका कहा – कोई नहीं. फिर मैं ऊपर सीट पर चले गया. ट्रेन चल पड़ी. मैं लैपटॉप पर मूवी देखने लगा था. रात काफी हो गयी थी, क्योंकि रात के १२ बजे ट्रेन थी. सो मैं वाशरूम जाकर फ्रेश हुआ. उसके बाद आया, तो देखा वो जागी हुई थी. मैंने कहा – मैं यहाँ बैठ सकता हु. उन्होंने कहा – क्यों नहीं. मैंने पूछा – आप कहाँ जा रहे हो? उन्होंने बोला – वाराणसी. मैंने पूछा – मुंबई घर है? उन्होंने कहा – नहीं. उनके हस्बैंड जॉब करते है. सो दिवाली में आई थी. मैंने पूछा – आप वाराणसी से बिलोंग करते हो? उन्होंने कहा – नहीं वाराणसी मेरा ससुराल है. बिलोंग मैं यूपी से करती हु.

हस्बैंड अभी न्यू कंपनी में ज्वाइन किया है मीडिया लाइन में. बस आई थी मुंबई में ४ मंथ से. अब जा रही रही हु. क्योंकि मेरी जॉब लग गयी है वाराणसी में बैंक में. फिर उन्होंने मुझसे पूछा – मैंने कहा रहता हु. मैंने बोला – मैंने वाराणसी में पढाई कर रहा हु. मुंबई मेरा होमटाउन है. बिलोंग मैं यूपी से करता हु. हमारी बातचित होने लगी. मैं उनके बात पर कम और उनके बूब्स पर ज्यादा ध्यान दे रहा था. उन्होंने बताया, कि मार्च में उनका और उनके हस्बैंड का ट्रान्सफर न्यू डेल्ही हो जाएगा. वहां उनका घर भी है/ फिर हमारी बातचीत जारी रही. कुछ देर में, मैंने सोने चले गया. अगली सुबह उठा फ्रेश हुआ, उसके बाद खाया – पिया. फिर हम बातें करने लगे. मैंने पूछा – आप फेसबुक या व्हाट्सएप पर हो? तो उसने मुझे फेसबुक आईदी दे दी. अब शायद वो मेरी नीयत समझ गयी थी. बट वो बोल नहीं रही थी. सो हम बातें करते – करते क्लोज आ गये और उन्होंने पूछा – कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने कहा – थी, बट धोखा दे दिया. मैंने उन्हें पूरी स्टोरी बताई. उनकी आईज में मैंने अपने प्रति हमदर्दी देख ली. मैंने खुश हुआ. फिर हम वाराणसी आ गये. हमारी बातें अब फेसबुक पर होने लगी थी और फिर कॉल तक पहुच गयी थी. हम क्लोज आ गये. आपको मैं उनका नाम बता दू. उनका नाम था छाया. सो उन्होंने बोला, कि उनका पति उनके साथ ज्यादा सेक्स नहीं करता है और उन्हें सेटइसफाई भी नहीं कर पाता है. सो मैंने सोचा, मौके पर चौका मारता हु. लेकिन, मेरी आदत है, मैं साला डरता बहुत हु. सो हम डेली बात करते थे. अब मैंने उन्हें आई लव यू तक भी बोल दिया. फिर वो मेरे से नाराज हो गयी. और कुछ दिन बात नहीं की. फिर एकदिन उनका कॉल आया. मैं उस समय क्लास से निकल रहा था. उन्होंने कहा – मुझे मिलना है मुझसे. तो मैंने बोला – कहाँ? उन्होंने बोला – उनके घर आ जाऊ. बातो से लग रहा था, कि वो बहुत ज्यादा गुस्से में है. लेकिन मैंने कहा – जो होगा, वो देखा जाएगा. मैं उनके घर पंहुचा. क्या नाइटी पहनी हुई थी. देख कर किसी का भी खड़ा हो जाए. मेरा तो एकदम हो गया था.

फिर मैं अन्दर आ गया. कॉफ़ी पिया. उन्होंने बोला – खाना खाओगे? मैं बना रही हु. कुछ खाओ लो. उन्होंने खाना बनाया और मैंने खाया. क्या खाना बनाया था, कि आदमी अपनी उंगलिया भी खा जाए. फिर हम बातें करके टीवी देखने लगे. वो नहाने चली गयी. मैंने टीवी पर मूवी देख रहा था यमला पगला दीवाना. फिर वो आई. मैंने कहा – आप यहाँ अकेले रहती है? उन्होंने बोला – नहीं. लोग रहते है बट अभी एक फंशन में गये है. परसों आयेंगे. फिर हम घुमने निकल गए. मैं उनके साथ मॉल गया और फिर हम साथ में मंदिर गये और घाट गये. ये बात फेब २०१५ की है. ठण्ड का मौसम था. हम ने नाईट का डिनर साथ में किया होटल में. मैंने बोला – अब मैं चलता हु. उन्होंने बोला – कहाँ जा रहे हो? मैंने बोला – फ्लैट. उन्होंने कहा – चलो अभी कुछ देर मेरे घर रुकना पर फिर चले जाना. मैंने गया उनके घर. वो फ्रेश होकर चेंज करके आई. क्या मस्त लग रही थी नाइटी में, वो हॉट माल.

फिर हम बातें करने लगे. मैंने कहा – आप बहुत अच्छी लग रही हो. उसने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी. मैंने उनके गालो को चूमा और वो मुझे कुछ नहीं बोल रही थी. फिर मैं उनके गालो पर किस किया. फिर मैंने उनके होठो को अपने होठो से सटा कर लिप किस करने लगा. वो मदहोश हो रही थी. फिर मैंने उनके गर्दन पर किस किया. उसके बाद, मैं धीरे – धीरे उनके बूब्स को पकड़ कर जोर – जोर से प्रेस करने लगा. वो आखे बंद करने लगी. मैंने उनकी नाइटी को निकाल दिया. उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी. मैं उनके बूब्स को चूसने लगा था. और दुसरे को दबाने लगा. फिर मैंने उनकी पेंटी पर हाथ हाथ रखा और सहलाने लगा. वो अहहहः अहहहहः ह्ह्ह्हह्ह आहे भर रही थी. फिर मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया और फिन्गेरिंग करने लगा. वो मज़ा ले रही थी. फिर मैं उन्हें सक करने लगा. वो मुझे अपने पैरो को मेरी गर्दन से कस कर पकड़ कर मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी. साँस लेना भी मुश्किल हो रहा था. मैं आपको बता दू, कि मुझे सक करना बहुत पसंद है.

करीब १० मिनट बाद, वो झड़ गयी. मैंने अपनी पेंट उतारी और फिर अंडरवियर. मैं और वो न्यूड थे. हम बेडरूम में गये. वो कह रही थी, अब मत तड़पाओ. मैंने बहुत प्यासी हु. अब डाल दो साले. मैं जोश में आ गया. मैंने अपना लंड चूत में सटाया और धक्का मारा. वो आआआअ आआआ ह्ह्हह्ह्ह्हहहः हम्मम्मम्म कर रही थी. पूरा रूम छप – छप छप से गूंज रहा था. करीब १५ मिनट बाद, मैं उनके अन्दर ही चढ़ गया. वो दो बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने उनकी चूत में अपना माल छोड़ दिया. उनके बूब्स को चूसने के बाद, मैंने उन्हें किस किया. फिर हम दोनों एक दुसरे के ऊपर सो गए. मैं पूरी रात वहीं रहा और ३ बार उसकी ठुकाई की. फिर अगले दिन, जब मैं जाने लगा. तो उन्होंने मुझे १५०० रूपये दिए. मैंने कहा – इसकी कोई जरूरत नहीं है. मुझे नहीं चाहिए. उन्होंने कहा – रख लो ना. प्यार से मेरे जेब में डाल दिए और मुझे एक किस कर दिया. सो फ्रेंड ये थी मेरी स्टोरी.. कैसी लगी आपको. मुझे जरुर बताना.