हेलो दोस्तों, मेरा नाम बन्नी है और मैं इस चुदाई वेबसाइट का बहुत बड़ा फेन है और मैं करीब २ साल से यहाँचुदाई की स्टोरीज पढ़ रहा हु. अब तो रोज़ रात को सोने से पहले यहाँ स्टोरी पढनी मेरी आदत सी हो गयी है. तो मैं अब अपनी चुदाई की स्टोरी की शुरुवात करते हुए, अपने बारे में बता दू, कि मेरी ऐज २५ साल है और मैं गुड हाइट और क्यूट फेस का स्मार्ट लड़का हु और सूरत में रहता हु. मैं कोई मॉडल तो नहीं हु, लेकिन लोग मुझे देख कर रिजेक्ट नहीं कर सकते है.

स्टार्ट से ही मुझे सेक्स का बहुत क्रेज है और मैंने बहुत एन्जॉय भी किया है और सैटइसफाई भी किया है. मैं आज जिस भाभी के बारे में बता रहा हु, उस भाभी ने मुझे जिगोलो बना दिया. मैंने एक मिडिल ऊपर क्लास का वेल एजुकेट हु और सूरत के एक पोश एरिया में रहता हु. वहां पर सब चलता है और वहां पर काफी हाई – फाई लोग रहते है. जिनके साथ मेरा रोजाना का उठाना बैठना हो गया था. उनमे एक भाभी भी थी, जिनका नाम तनु था.

उनकी अभी २ साल पहले ही शादी हुई थी और उनके हसबैंड दुबई रहते थे. वो बहुत पैसे वाले लोग थे और वो निहायत ही खुबसूरत भी थी. उनका एक साल का बेटा था. मेरी भाभी से बातचीत होती रहती थी. पर कभी मैंने सोचा नहीं था, कि भाभी अकेले महसूस करती है. बात तब की है, जब मेरे पैरेंट को शादी में जाना था और उन्होंने जाने से पहले तनु भाभी को बोल दिया, कि इसका ३ दिन ध्यान रखना. हमारे कजिन की शादी है, तो हम वहां जा रहे है. और तनु भाभी ने भी हाँ कर दी. तो 1st डे, माँ – पापा के जाने के बाद, तनु भाभी ने मुझे लंच के लिए बोला, घर पर ही आके खाना खा लेना. उन्होंने मेरा नंबर भी ले लिया और अपना नंबर मुझे दे दिया. उन्होंने कहा, कोई भी काम हो तो मुझे बता देना. मैं दिन में काम पर चले गया और शाम को तनु भाभी का मेसेज आया, कि कब तक आओगे? मैंने कहा – भाभी, बस ३० मिनट में पहुच जाऊँगा. तो भाभी ने कहा – ओके, आई एम् वेटिंग.

फिर मैं जब घर जाके फ्रेश हुआ और तनु भाभी के फ्लैट पर गया. तो वो शॉर्ट्स और टीशर्ट में थी. उनको मैंने फर्स्ट टाइम ये ड्रेस में देखा था. मैं तो बस उनको देखता ही रहा गया था. मेरा दिमाग फिर गया… क्या सेक्सी लग रही थी वो… एक दम कॉलेज गर्ल की तरह लग रही थी वो. उनका फिगर ३६ – ३० – ४० के आसपास होगा. उन्होंने स्माइल देते हुए.. मुझे बैठने को कहा. मैं वहां बैठ कर आराम से मोबाइल चला रहा था. तब थोड़ी ही देर में मेरे पास आकर बैठ गयी और पूछने लगी… किस से बातें हो रही है? मैंने कहा – किसी से नहीं. फिर वो बोली – झूठ मत बोलो. स्मार्ट हो.. कोई ना का कोई गर्लफ्रेंड तो होगी. मैंने कहा – ना भाभी, आई एम् सिंगल. तो वो हसने लगी और बोली – आई डोंट थिंक सो बन्नी… मैंने कहा – आई एम् सीरियस भाभी… उन्होंने अजरज से देखा और बोला – क्यों? पता नहीं क्यों, पर मेरे मुह से निकल गया, कि आप जैसा कोई नहीं मिला अभी तक इसलिए. तो वो मुझे देखने लगी और मैं सोच में पड़ गया, कि मैंने ये क्या कह दिया. फिर उन्होंने थोड़ा उदास होते हुए कहा, कि जिसकी वाइफ हु… उसे तो मेरी कोई फ़िक्र ही नहीं है और तुम मेरी जैसी के चक्कर में अकेले हो. तो मैंने कहा – कोई बात नहीं भाभी. मैं इंतज़ार करूँगा. जब तक आप जैसी कोई नहीं मिल जाती.

फिर हम एक दुसरे से पहले से ज्यादा ओपन हो गए. साथ में डिनर किया और मैं जाने लगा. तब भाभी ने कहा, अकेले क्या करोगे घर पर? यहीं सो जाओ. तुम्हे भी कंपनी मिल जायेगी और मुझे भी. आई सेड अच्छा है. फिर मैं वहीँ रुक गया और रात को हम दोनों टीवी देख रहे थे और बातें ही बातो में मैंने उनसे पूछा, आपका मन लग जाता है अकेले. तो वो कहने लगी, बच्चे के साथ में टाइम निकल जाता है और क्या कर सकते है. फिर भाभी की आँखे भर आई और मैं उनके करीब आ गया. मैंने उनके गालो को टच करते हुए, उनके आंसू पोछे और वो मेरे सीने से लिपट गयी और कहने लगी. तुम्हारे भैया ६ महीने में एक बार आते है एक वीक के लिए मुश्किल से और पहले जैसे अब प्यार भी नहीं करते है. बस ५ मिनट में झड़ जाते है. मैं तो एकबार उनकी बात सुन कर शौक ही हो गया. मैंने कहा भाभी, यू डोंट वोर्री. अब सब ठीक हो जाएगा. तो वो कहने लगी – बन्नी, आज थोड़ा मन हल्का हुआ है.

तुम्हे करीब पाकर वरना मैं तो रोज़ अकेले ऐसे ही घुट – घुट कर रहती हु. मैंने कहा – कोई बात नहीं भाभी. मैं हु ना अब. मैं अब जब भी अपने काम से फ्री हूँगा.. आप से बात करता रहूँगा. भाभी बोली, मेरे पास एक आईडिया है. जिस से तुम्हे भी प्रॉब्लम ना हो और मेरी भी प्रॉब्लम सोल्व हो जायेगी. मैंने कहा – क्या? वो बोली – तुम मेरे परमानेंट एस्कोर्ट बन जाओ. मैं चौकते हुए बोला – मतलब? उन्होंने कहा – देखो बन्नी. तुम अपने काम में फोकस करो. मैं तुम्हे डिस्त्रब नहीं करना चाहती. पर तुम मुझे भी खुश करो दो. जब भी मेरा मन करेगा, मैं तुम्हे आने को बोलूंगी और हम सेक्स करेंगे. और मैं तुम्हे पैसे भी दूंगी. जब भी बुलायूंगी, तो तुम्हे आना पड़ेगा. मैं एकदम से शौक हो गया और बोला – भाभी आप ये क्या बोल रही हो. आप इतनी सुंदर हो फिर भी. आप पर तो कोई भी फ़िदा हो जाएगा. मैं भी आप पर फ़िदा हु. मुझे आपसे पैसे नहीं चाहिए. मैं तो जब भी आप बोलोगी, वैसे ही आ जाऊंगा. तो उन्होंने कहा – नहीं बन्नी, इफ आई वांट टू गेट इन्वोल्व विथ एनीवन, देन आई वुड हेव अटैच्ड ए लॉन्ग टाइम बेक. पर मुझे कोई स्ट्रिंग अटैच्ड रिलेशन नहीं चाहिए. बस जब मन करे, मुझे ख़ुशी मिल जाए और तुम बेस्ट हो मेरे लिए.

आई वोंट हेव एनी प्रॉब्लम ऑफ़ रिस्क एंड तुम्हे मज़ा भी आएगा. और पैसे भी मिलेंगे और तुम्हारी लाइफ भी स्मूथ चलेगी. व्हेन यू स्पेंट योर वोर्किंग हौर्स विद मी और उस टाइम में जो वर्क हेम्पेर होगा..वो लोस मेरे से कवर हो जाएगा. मैं तो एकदम सोच में डूब गया. तब भाभी बोली – नोथिंग इस फ्री इन दिस वर्ल्ड बन्नी एंड आई क्नो.. यू लाइक मी. मुझे फ्री में कुछ नहीं चाहिए और मैं तो बस तुम्हे खुश देखना चाहती हु अपने साथ भी और पेसो से भी. बोली – विल यू बे माय जिगोलो? मैंने भी भाभी को हाँ कर दी और हमने एक दुसरे को हग किया और उनके बूब्स मुझे अपनी चेस्ट पर महसूस हो रहा था. वो पहले से ही गरम हो चुकी थी. फिर मैंने उन्हें नेक पर किस किया और उनके एअर्स को चूसने लगा. फिर धीरे – धीरे उनके जिस्म को महसूस करने लगा. उनके बूब्स को दबाने लगा और फिर भाभी ने कहा – चलो रूम में चलते है. बेड कितने महीने से सुना पड़ा है बिना सेक्स के. फिर मैंने उन्हें अपनी बाहों में उठा लिया.

और लिप लॉक करते हुए बेड पर लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ गया और उन्हें पागलो की तरह चूमने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैंने उनकी नाइटी उतार दी और उनका गोरा जिस्म रेड कलर की पेंटी और ब्रा में कयामत लग रहा था. मैंने उनकी ब्रा को भी उतार दिया और उनके बूब्स को मसलने लगा. उन्हें बच्चो की तरह जोर – जोर से चूसने लगा. उनके जिस्म को चाटने लगा. उनकी थाई पर और सब जगह पर किस करने लगा. फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी और उनकी चूत को चूसने लगा. वो बस मदहोश होने लगी थी और बेड पर उछल रही थी. उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वो झड़ गयी. उन्होंने कहा – बन्नी, प्लीज फक मी. ओरल सेक्स बाद में और मैंने अपने कपड़े उतारे और उनकी गांड के नीचे तकिया रखा और उनकी चूत पर लंड रगड़ने लगा. वो बोली – बस बन्नी.. फक मी.. मैंने भी एक झटका लगाया और लंड आधा घुस गया और वो हाहाह अहहाह अहहाह अहहाह करते हुए, मदहोश होने लगी.

फिर मैंने दूसरा धक्का लगाया और पूरा लंड अन्दर पेल दिया और उनके होठो को चूसते हुए उनकी जबरदस्त चुदाई करने लगा. वो भी उछल – उछल कर मेरा साथ दे रही थी. वो पता नहीं कितनी बाद झड़ चुकी थी और ४० मिनट के बाद, जब मैं झड़ने वाला था, तो उसने मुझे उसकी चूत में ही झड़ने को बोल दिया और मैं उसकी चूत में झड़ गया. उस रात मैंने उनको ३ बार चोदा और जब तक मेरे पैरेंट नहीं आ गए.. मैं ३ दिन सिर्फ उनके घर पर रहा था और दिन रात उनकी चुदाई की. उन्होंने मुझे अपना परमानेंट जिगोलो बना लिया था और जब भी मन करता, वो मुझे बुला लेती थी और मैं उनको मस्त चोदता था और वो मुझे पैसे भी अच्छे दे दिया करती थी. तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी जिगलो बनने की.. प्लीज मुझे बताना जरुर कि आप को मेरी स्टोरी कैसी लगी?