मैंने कभी भी सेक्स के मामले में लडकियों को निराश नहीं किया जो आई जैसी आई बस चोदने में विश्वास किया और इसीलिए मैंने हर तरह की चूत का स्वाद लिया है, जिसका मुझे कोई गम नहीं है. विनी हमारे कॉलेज की एक ऐसी लड़की थी जिसका कभी कोई बॉय फ्रेंड नहीं रहा और कारण था उसका मोटापा, मैं सेक्स का भूखा था ही और अपनी गर्ल फ्रेंड राधिका को आए दिन चोदता रहता था. लेकिन उस दौरान राधिका को यूरिनरी इन्फेक्शन हुआ था और वो मारे दर्द के चुद नहीं सकती थी, हालाँकि वो मेरे लंड को चुद कर मेरी ठरक तो मिटा ही देती थी लेकिन मेरे लंड को तो चूत की प्यास थी.

राधिका ने मेरी प्रोब्लम समझते हुए मुझे किसी और को चोदने का सुझाव दिया जो की मेरे लिए हैरानी की बात थी लेकिन फिर उसी ने मुझे कहा “मैं तुम्हारे लिए एक ऐसी लड़की ढूंढ के लाऊँगी जो चुदना भी चाहती हो लेकिन तुम उसके ही दीवाने न हो कर रह जाओ”. मैं खुश हुआ की चलो ये पहली गर्ल फ्रेंड है जो किसी और को चोदने में मेरी मदद करेगी, लेकिन जब उसने मुझे विनी से मिलवाया तो मेरी ख़ुशी के तोते उड़ गए. विनी को राधिका ने ये कह कर राज़ी किया कि वो उसके साथ अपने बॉय फ्रेंड यानि मुझे शेयर करेगी लेकिन हम दोनों के बीच प्यार नहीं पनपना चाहिए. विनी वो लड़की थी जिसे चुदने की घनघोर इच्छा थी लेकिन उसे कोई पसंद ही नहीं करता था और इसीलिए वो हमारे इस कर्म में हमारी साझेदार बनी.

राधिका का अपना फ्लैट था जहाँ वो अपनी एक रूम मेट के साथ रहती थी, वो विनी को वहीँ ले आई और मैं भी वहीँ पहुँच गया. राधिका की रूममेट अपने घर गई हुई थी तो ये काम और भी आसान हो गया, वहां पहुंचकर विनी और मैं मिले हम तीनों ने थोडा नाश्ता वगेरह किया तब तक राधा ने बेडरूम साफ कर दिया ताकि हमें कोई परेशानी ना हो. विनी और मुझे बेडरूम में छोड़ कर राधिका अपना लैपटॉप ले कर बाहर चली गई, मैं विनी के पास बैठा और उस से बातें करने लगा तो वो थोड़ी डरी हुई लग रही थी. मैंने उसे समझाया की अगर वो करना चाहती है तो ही करे उस पर कोई दबाव नहीं है तो वो थोडा सहज हो गई, मैंने विनी का टॉप उतारा और उसने मेरे कपडे उतारे विनी उस दिन एक्स्ट्रा तैयार हो कर आई थी और नार्मल दिनों से ज्यादा अच्छी लग रही थी या शायद मेरी आँखों पर सेक्स छाया हुआ था तो वो भी एक वजह हो सकती है.

विनी ने मुझे पकड़ कर किस करना शुरू किया तो मेरे होंठ छिल गए, मैंने उसे समझाया थोडा आराम से करो और मज़े लो क्यूंकि यहाँ कोई ट्रेन नहीं छूट रही. इसके बाद विनी को मैंने किस करना सिखाया, वो किस करते हुए भी ऐसे आवाजें कर रही थी जैसे सेक्स के समय करते हैं. मैंने चूमते हुए उसके चुचों को दबाया तो वो और जोर से आवाजें करने लगी और ऐसे छटपटाने लगी जैसे कोई बिच्छु काट गया हो. मैंने विनी का हाथ ले कर अपने लंड पर रखा तो वो बोली “इसका साइज़ तो बड़ा है और मेरी पुसी छोटी” मैंने कहा “कुछ नहीं होगा”. विनी की चूत को चाटने का कोई मतलब नहीं इन्कालता था क्यूंकि उसकी चूत उसकी जांघों में इस कदर छुपी हुई थी कि मुझे दर था की लंड वहां पहुँच भी पायेगा या नहीं.

मैंने विनी को चूमते हुए उसकी चूत में ऊँगली पेल दी तो वो चीख उठी लेकिन फिर नार्मल हो कर सिस्कारियां भरने लगी, उसकी चूत वाकई छोटी थी और वो चुद पहली बार ही रही थी. विनी ने मुझे बताया की वो किस तरह पोर्न देख देख कर अपनी हवास शांत करने के लिए डिलडो का इस्तेमाल करती थी, असली का लंड तो उसे आज मिला है. थोड़ी देर उसकी चूत में ऊँगली से मसाज करने के बाद उसने मुझ से कहा “तुम मुझे फक नहीं करोगे क्या, ऊँगली तो मेरे पास भी है”. मैं हँसा और कहा “ऐसा है विनी जी इसे गर्म भी तो करना पड़ेगा ना” तो उसने कहा “इट इस एनफ हॉट एंड स्लिपरी नाउ, सो यू कैन फक मी” मैंने उसकी चूत में घुसाने की कोशिश की तो घुस ही नहीं पाया.

हम दोनों अपनी अपनी तरफ से कोशिशें कर रहे थे लेकिन या तो मेरा लंड प्रोपरली खड़ा नहीं हुआ था या उसका मोटापा प्रोब्लम था, इसी बीच राधिका अन्दर आए और बोली “ऐसे नहीं होगा ये” और ये कह कर उसने विनी को सीधा बिठा कर मेरा लंड चूसने को कहा. विनी ने वैसा ही किया, राधिका विनी को मेरा लंड चूसना सिखा रही थी और विनी उसके कहे अनुसार मेरे लंड को स्टेप बाय स्टेप चूस रही थी. मेरे लिए ये ख़ुशी की बात थी की राधिका मेरा इतना साथ दे रही थी, फाइनली मेरा लंड अपनी असली औकात में आ गया और मेरा आठ इंच लम्बा और मोटा लंड देख कर विनी ने कहा “प्लीज़ घुसाना मत आई एम् स्कैर्ड” राधिका ने उसे फिर समझाया और उसे  सोफे पर अधलेटा कर दिया. अब विनी सोफे पर टेका ले कर  बैठी थी और राधिका ने उसकी टांगें उठाकर पीछे से पकड़ ली थी, इस तरह मुझे विनी की चूत दिखाई दी और मैंने उस में अपना लंड पेल दिया.

विनी ने एक जोर की चीख मारी और फिर शांत हो गई लेकिन उसने अब भी “ओ माँ नहीं मत करो, आह्ह्ह  ऊओह्ह “ की आवाजें निकालना  जारी रखा. राधिका हौले हौले उसके चुचके मसल रही थी और मैं विनी की चूत में धक्के लगा रहा था, ये सब किसी पोर्न जैसा लग रहा था और मुझे अब इस में मज़ा आने ही लगा था की विनी झड़ गई लेकिन मैंने उसे चोदना जारी रखा. शायद राधिका सामने थी इस लिए मेरा छूट ही नहीं रहा था या विनी की चीखों ने मेरा मन भटका दिया था. खैर मैंने विनी को चोदना जारी रखा और अब वो भी रवाँ हो गई थी तो “फक मी फक मी फास्टर” चिल्लाने लगी, मैंने अपने धक्के तेज़ कर दिए और इन धक्कों के बीच विनी एक बार फिर झड़ गई.

एक बार मेरा मन हुआ की अब इसे चुसवा कर अपनी आग शांत कर लूँ लेकिन फिर भी मैंने चोदना जारी रखा और राधिका से उसका टॉप उतारने को कहा, राधिका अपना टॉप उतार कर नंगी खड़ी हो गई अब मैं चोद विनी को रहा था लेकिन देख राधिका को रहा था तो मेरे लंड ने भी अपने लॉयल्टी दिखाते हुए पानी छोड़ दिया. मैंने तुरंत अपना लंड बाहर निकाला और सारा वीर्य विनी की तोंद पर गिरा दिया, राधिका ने दौड़ कर विनी की तोंद पर गिरा हुआ मेरा वीर्य चाट लिया और बोली “तुम कमाल हो यार, अब प्लीज़ ये धो कर आओ ताकि मैं इसका स्वाद ले सकूँ”.

उस दिन मैंने विनी को देर रात तक चोदा और हर बार राधिका ने मेरी मदद की, विनी खुश थी और मुझे और राधिका को थैंक्स बोल रही थी. राधिका हर चुदाई के बाद मुझसे लिपट जाती और खूब किस करते हुए आई लव यूं कहती. विनी ने राधिका से वादा लिया की वो आगे भी मुझे उसके साथ शेयर करेगी, राधिका ने भी उस से वादा लिया की वो मुझ पर कभी अधिकार जताने की कोशिश नहीं करेगी. मैं अपने में खुश था क्यूंकि अब राधिका की मदद से मेरे पास थुलथुल ही सही लेकिन एक चुदाई की स्टेपनी और थी.