यह मेरी सच्ची सेक्स स्टोरी है, समझ नहीं आ रहा कि कहा से शुरू करू क्यूंकि सच को कहने के लिए बहुत हिम्मत की ज़रूरत होती है, उस रात में मुझे एक अलग रास्ते पर धेकेल दिया, जिस पर अब मुझे बहुत मज़ा आता है.

यह कहानी तब की है जब मैं १८ साल का, मेरा कजिन २० साल की उम्र का और मेरी बहिन की उम्र २४ साल थी और हम तीनो ट्रेन से एक शादी में जा रहे थे. तभी कुछ आवारे लड़के ट्रेन में चढ़ गए जो हमारे सामने वाली सीट पर आकर बैठ गए.

वो गिनती में ६-७ थे और सभी २२- २८ साल की उम्र के रहे होंगे, वो काफी आवारा किस्म के थे. मेरी बहिन और हमारे सामने बैठ कर ही गन्दी गन्दी बाते कर रहे थे, चूत लंड जैसे शब्द तो बिलकुल खुल कर बोल रहे थे, मेरी बहिन अनजान बनकर कभी खिड़की से बहार देखती, कभी हमसे हंस कर बाते करने लगती.

तभी एक लड़के ने अपने दोस्त से कहा साली को किसी दिन पूरा खोल कर अपनी गोद में बिठा कर उछाल उछाल कर चोदुंगा. यह बात सुन कर मेरी बहिन का चेहरा सुर्ख हो गया, वो लड़के इतने ख़राब थे कि एक दिन लगातार मेरी बहिन की उभरी हुई चुचियों को घूरे जा रहा था.

हमे डरा हुआ देख कर उनकी हिम्मत बढती ही जा रही थी, दीदी के सामने बैठे हुए २ लड़के अपना लंड सहलाये जा रहे थे, तभी एक लड़का बोला यार पेशाब आ रहा है मगर टॉयलेट बहुत गन्दी है क्या करू?

तो दुसरे ने मुस्कुराते हुए खा- खिड़की से लंड बाहर निकल और मूत दे.

मुझे लगा वो सिर्फ मजाक कर रहे है मगर अगले ही पल वो लड़का अपना काला और मोटा सा लंड निकल कर मेरी बहिन के ठीक सामने खिड़की के पास खड़ा हो गया और मरी बहिन अचानक इतने मोटे लंड को अपने सामने देख कर परेशान सी हो गयी, उस लकड़े ने अपना लंड खिड़की से बाहर निकला और पेशाब करना शुरू कर दिया.

ट्रेन चलने की वजह से मेरे और मेरी बहिन के मुह पर उसका पेशाब गिर रहा था. तभी मेरी बहिन ने कहा – क्या शर्म नहीं है सारा पेशाब मेरे मुह पे आ रहा है?

वो लड़का मूत ख़तम कर के बिना लंड अन्दर किये घूम कर मेरी बहिन और मेरे सामने खड़ा हो गया और बोला ओह्ह्ह… सॉरी… लायो मैं साफ़ कर देता हूँ. और यह कह कर वो उंगलियों से मेरी बीन के होठो और मुह पर लगा पानी साफ़ करने लगा. उसने मेरी बहिन के होठ रगड़ दिए.

मेरी और मेरे कजिन की हालत ख़राब थी हम न लड़ाई कर सकते थे न उन्हें रोक सकते थे, अभी तक वो लंड अन्दर भी नहीं कर पाया था कि दूसरा भी पेशाब करने के नाम पर लंड खोल कर खिड़की के सामने खड़ा हो गया. उसका ७ इंच का लंड रहा होगा वो भी काला और मोटा. उसने पहले वाले लड़के को साइड किया जिस वजह से वो खुला लंड मेरे होठो से लग गया. पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने अपने होथो को जीभ से चाट लिया.

यह बात २ लडको ने नोटिस कर ली अब वो भी मूतने के नाम पर लंड खोल कर हमारे सामने थे. सब का पेशाब हमारे ऊपर आ रहा था, इतना बुरा हो रहा था फिर भी पता नहीं क्यों वो अब नार्मल लगने लगा था. एक टाइम ऐसा भी आया जब हमारे चारो तरफ लम्बे काले लंड झूल रहे थे.

तभी झटका लगने का बहाना कर के २ लड़के मेरे और मेरी बहिन के ऊपर गिर गये. मेरे तोह होश ही उड़ गए थे. बहिन के भी होठो पर लंड रगड़ गया था, तभी किस्मत से स्टेशन आ गया और काफी लोग डिब्बे में चढ़ गये. उन लडको ने भी अपने लंड अंदर कर लिए और कुछ ही देर बाद हमारा स्टेशन पुराणी दिल्ली भी आ गया.

हम ने फटाफट ऑटो किया और उसमे बैठ कर अपने कजिन के घर चले गए. और बिलकुल नार्मल बीहेव और बाते कर रहे थे जैसे कुछ हुआ ही नहीं. कजिन के घर पर कोई नहीं था, रात के १२ बज चुके थे नींद भी आई थी, हम दोनों भाई एक बेड पर सोये और मेरी बहन दुसरे बेड पर सो गयी, मेरी आँख कब लग गयी पता ही नहीं चला.

करीब २ घंटे बाद जब मेरी आँख खुली तो मेरा कजिन मेरे बेड पर नहीं था. मैं कुछ सोचता उससे पहले ही मुझे तेज़ साँसों की आवाज़े आने लगी. जब मैंने अँधेरे में देखने की कोशिश करी तो मैं घबरा गया. मेरा कजिन मेरी बहिन के ऊपर चढ़ कर लेता हुआ था और धक्के लगा रहा था. मैं आँखे फाड़ कर देखता रहा. थोड़ी देर में ही मुझे अँधेरे में ही साफ दिखाई देने लगा.

उन दोनों में ऊपर से चादर ओढ़ी थे और मेरी बहिन मेरे कजिन के निचे धक्के कहा रही थी, थोड़ी ही देर में चादर खिसक गयी और मेरी बहिन मेरे सामने थी. मेरी भेँ की सलवार घुटनों तक उतरी हुई थी, और मेरा कजिन मेरी पतली सी बहिन को कमर से पकड़ कर धक्के लगा रहा था. मेरी बहिन की हाइट सिर्फ ५ फीट थी जो मेरे ६ फीट लम्बे कजिन के निचे पड़ी बच्ची सी लग रही थी.

मेरे कजिन ने मेरी बहिन को गोद में बिठा लिया था उसकी टंगे अपनी कमर पे लपेट ली थी और अपना पूरा लंड मेरी बहिन की चूत में डाल कर धक्के लगा रहा था. मेरी बहिन की उफ्फ्फ…. आह्ह्ह…. उम्म्म…. अस्स्स्स…. अह्ह्ह्ह… सिसकियो से कमरा गूँज रहा था.

न चाहते हुए भी मेरा हाथ कब मेरे लंड पर चला गया पता नहीं चला. ऐसा लग रहा था जैसे मेरी बहिन चुदाई में पागल हो चुकी थू. वो खुल कर मेरे कजिन के साथ सेक्स कर रही थी. उसे शायद यह भी याद नहीं रहा कि उसका सगा भाई भी उसी कमरे में है.

थोड़ी देर बाद मेरा कजिन बीच कमरे में खड़ा था और मेरी बहिन को फर्श पर बिठा कर अपना ७ इंच का मोटा लंड चुसवा रहा था.. उसने मेरी बहिन का सर पकड़ रखा था और मुह में लंड दाल कर धक्के लगा रहा था.

कुछ देर बाद उसने मेरी बहिन को खड़ा किया और खुद निचे बैठ कर मेरी बहिन का पेट चूमने लगा, मेरी बहिन अपनी टाँगे खोल कर कड़ी थी, और उसके बालो को सहला कर गहरी सिस्कारिया ले रही थी. मेरी बहिन के चुचे तने हुए थे. उसने शायद मेरी बहिन की चूत चटनी शुरू कर दी थी क्यूंकि दीदी अब तड़प रही थी.

कुछ देर बाद वो खड़ा हुआ और मेरी ५ फीट की बहिन को गोद में उठा कर अपने लंड पर बिठा लिया, वो खड़े खड़े गोद में लेकर मेरी बहिन को छोड़ रहा था, अब मेरा कण्ट्रोल जवाब दे रहा था. दिल कर रहा था की में भी किसी का लंड चूस लू.

पर बस कण्ट्रोल कर रखा था और अपनी मुठ खुद ही मार रहा था.

तो दोस्तों कैसी लगी आप को मेरी यह कहानी…..