इकलौता लड़का होने के कारण मेरे घर के अमूमन हर काम का बोझ मेरे ही सर पर था और वैसे देखा जाए तो ये काम करता भी कौन क्यूंकि पापा बिज़नस में लगे रहते थे और मम्मी अपनी समाजसेवा और कमिटी वाली सहेलियों के साथ में. देखा जाए तो एक तरह से अच्छा ही हुआ मैं एक ज़िम्मेदार इंसान बना और अब मुझे हर तरह के काम की माहिती है. और अपने इसी टैलेंट के चलते मुझे जवान होते ही जवानी का ज़बरदस्त अहसास मिला और उसके बाद तो जैसे लाइन ही लग गई.

हुआ दरअसल यूँ की मम्मी की कमिटी वाली सहेलियां अक्सर कोई ना कोई समाजसेवा का कार्यक्रम रख लेती थी जिस में ना चाहते हुए भी इन्वोल्व होना पड़ता था. इस बार मम्मी की एक फ्रेंड नैना आंटी ने सरकारी अस्पताल में  फल बाँटने का सोचा और मेरी मम्मी को कहा की भैयु को मेरे घर भेज देना मैं अपनी इस सेवा की एक न्यूज़ उस से लिखवा लुंगी और अखबार में फोटो के साथ डलवा दूंगी. फिर क्या था मुझे भेजा गया नैना आंटी के घर “अच्छे अच्छे शब्द इस्तेमाल कर के शानदार न्यूज़ लिखने”, मैंने मन में सोचा “हुँह काम नैना आंटी का – हुक्म मम्मी का और रगड़ा पेटिस मेरे कीमती समय का”

नैना आंटी के घर पहुँचा तो वो केवल नाईटी में थीं, उस वक़्त नैना आंटी पैंतालीस बरस की रही होंगी लेकिन मोर्निंग वाक, योगा और उम्र  में बड़े पति के कारण वो इतनी उम्र की लगती नहीं थी. नैना आंटी उस समय कुछ लिख रही थी और मुंह बिगाड़ रही थी, मुझे देखते ही ऐसे खुश हुई जैसे कोई तारणहार आ गया हो. वो किसी गेली लड़की की तरह फुदकती हुई आई और मेरे चेहरे को अपने हाथों में पकड़ कर मेरा माथा चूम कर बोली “आगया मेरा राजकुमार, मैं तेरे इंतज़ार में खुद ही न्यूज़ लिखने बैठी तो देख कैसी बचकानी भाषा लिखी है मैंने”.

बचपन से ही नैना आंटी के इस तरह पकड़ा पकड़ी और चूमने चाटने के तरीकों से मुझे नफरत थी लेकिन आज जब वो मेरा चेहरा पकड़ के मेरा माथा चूम रही थी तो उनके बड़े भारी वज़नदार मम्मे मेरी नज़र में आ गए, पता नहीं उन्हें पता लगा भी या नहीं लेकिन मैंने बड़ी भूखी निगाह से उन्हें देखा था. नैना आंटी ने नोट पैड मेरे हाथ में दे दिया और बोली “बोलो मेरे चंदा मेरे राजे क्या खाओगे” मैंने कहा “जी मैं नाश्ता कर के आया हूँ” तो बोली “अच्छा बड़ा हो गया तो फॉर्मल हो रहा है, वैसे बचपन में तो यहीं टीना के साथ खेलता रहता था और घर जाने का नाम ही नहीं लेता था”.

मैंने फटाफट लिखना शुरू किया लेकिन क्या देखता हूँ कि मेरे लाख ना नुकुर के बाद भी नैना आंटी ट्रे भर के नाश्ता ले आई, जब मैंने सिर्फ एक बिस्कुट और चाय ली तो वो बोली “शर्मा मत राजे और ये क्या सिर्फ बिस्कुट और चाय, तुझे तो ये ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए. जवान लड़का है ये तो खेलने कूदने में ही पच जाएँगे”. मैंने संकोच करते हुए थोड़े से ड्राई फ्रूट्स ले लिए तब तक नैना आंटी मेरी लिखी न्यूज़ पढ़ रही थी, पढ़ते पढ़ते बोली “वाह कितनी अच्छी न्यूज़ लिखी है और हैण्ड राइटिंग तो देखो कैसे मोती जैसे अक्षर हैं”.

मैं शर्मा गया तो नैना आंटी मेरे पास खिसक कर बैठ गई और मुझे गले लगाते हुए मुझे प्यार करने लगी, हालाँकि ये सब मैं बचपन से सहता आरहा था पर शायद जवान होने के बाद मुझे ज्यादा प्रॉब्लम होने लगी थी. आंटी ने मुझसे कहा “बेटा जिम वगेरह भी जाते हो क्या” मैंने कहा “जी सुबह जाता हूँ” तो मेरे बाज़ू पकड़ कर बोली “वाह रे पहलवान”. मैंने शर्माते हुए कहा “मैं सिर्फ फिट रहने के लिए जाता हूँ” तो बोली “फिट रहना बहुत ज़रूरी है, अब अपने अंकल को ही देख ना तो हाथ पैर हिलाते हैं ना ही वाक करते हैं बस फ़ैल रहे हैं और उम्र से पहले ही बुढा गए हैं”.

वो जब ये सब बोल रही थी तब मेरी नज़र फिर से उनके मम्मों पर पड़ी और झीनी नाईटी के कारण मुझे ये भी दिख गया कि उन्होंने ब्रा भी नहीं पहन रखी थी, आंटी ने इस बार मेरी नज़र ताड़ ली थी. वो हंस कर बोली “देख क्या रहा है तेरे जैसे कड़क और जवान लड़के को इस से भी अच्छे और जवान कसे हुए मिलेंगे मज़े करने को” अब तो मेरी हवा खिसक चुकी थी और मैंने कहा “जी वो  मैं तो”. मेरी हवा खिसकते देख नैना आंटी जोर से हँसी और बोली “घबरा मत मैं सही कह रही हूँ जवानी के दिनों में बहुत कुछ मिलता है दोनों हाथों से बटोरने को”.

मैंने नोटिस किया की नैना आंटी अब मेरे और करीब आ गयी थी और उनकी इस हरकत से मेरा सुपर सेंसिटिव लंड तन कर कड़क हो रहा था और मेरा लोअर उभरा हुआ नज़र आने लगा था, आंटी ने इस चीज़ को देख लिया था और उन्होंने मुझे कहा “तो बड़ा हो गया है तू”. मैं बुरी तरह घबरा गया था सो मेरी आवाज़ ही नहीं फूट रही थी, आंटी ने मुझे गले लगा कर कहा “मेरे राजकुमार डर क्यूँ रहा है, ये तो होता ही है. अच्छा बता आज तक इसका सही इस्तेमाल किया है या अब तक” और ये कह कर वो जोर से हँसने लगी तो मेरा ईगो हर्ट हो गया और मैंने कहा “मेरी चीज़ है मैं इस्तेमाल करूँ या ना करूँ आपको क्या और आपको शर्म आनी चाहिए”.

नैना आंटी ने मेरे गाल पर थपकी दे कर कहा “अरे तो नाराज़ क्यूँ हो रहा है, और तुझ से कैसी शर्म तुझे तो मैंने बचपन में नंगा देखा है” ये कह कर उन्होंने मेरे सर पर हाथ फेरना शुरू किया और उनके इस स्पर्श से मेरा सेंसिटिव लंड और भी गर्म हो गया उनके बड़े बड़े भारी मम्मों से भीनी भीनी खुशबु आ रही थी और ये एक फाइनल टच पॉइंट था जिस से मेरा सब्र टूट गया और मैंने नैना आंटी के गाल पर पप्पी ले ली. मेरे पप्पी लेने से नैना आंटी की हँसी छूट गई और वो बोली “तू कितना भोला है, सामने सारा खज़ाना है और तू दरवाज़े से ही चेक आउट कर रहा है”.

एक बार फिर मेरा जवान होता ईगो हर्ट हो गया और मैंने बेरहमी से नैना आंटी का लेफ्ट मम्मा पकड़ लिया और कस कर दबा दिया तो उनकी चीख निकल गई और वो मुझसे बोली पगले ऐसे नहीं करते, अब नैना आंटी ने अपने दोनों मम्मों पर मेरे दोनों हाथ रख दिया और उन्हें हलके हलके सर्कुलर मोशन में सहलाने लगी. मैंने नोटिस किया की जैसे जैसे मेरे हाथ नैना आंटी के मम्मे सहला रहे थे वैसे वैसे ही नैना आंटी के मम्मे फूल कर थोड़े सख्त हो रहे थे और निप्प्ल्स भी तन गई थी, यही हाल मेरे लंड का भी था जो अब बस लोअर फाड़ कर बाहर आना चाहता था.

मैंने हिम्मत कर के आंटी का हाथ मेरे लंड पर रख दिया तो वो मुस्कुरा कर बोली “आएगा बेटे राजा ! इसका भी टाइम आएगा” और उन्होंने मेरे लंड को बाहर से ही सहलाना शुरू किया. उनके मम्मो से आती खुशबु थी या उनके हाथ का मेरे लंड पर स्पर्श मैं एक सिसकारी के साथ झड गया और मेरा लोअर गीला हो गया. नैना आंटी ने कहा देख मैंने कहा था न इसका भी टाइम आएगा लेकिन तूने खेल शुरू होने से पहले ही ख़त्म कर दिया. मैं ईगो भूल कर हारा हुआ सा मुंह नीचे कर के अपना सर पकड़ के बैठ गया, नैना आंटी ने मेरे चेहरे को पकड़ा और बोला कोई बात नहीं अभी तू कच्चा है तुझे आईडिया नहीं है इसकी ताकत का.

नैना आंटी ने अपनी नाइटी हलकी सी खिसकाई और अपने भरे पूरे मम्मों का दर्शन मुझे करवाया और मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुंह मम्मों में दे कर बोली “पहले इन्हें चूस अच्छे से फिर आगे बताती हूँ क्या और कैसे करना है”. मैं किसी रोबोट की तरह नैना आंटी के इंस्ट्रक्शन फोलो कर रहा था उनके भीनी भीनी महक वाले बड़े बड़े मम्मे पहले तो रोबोट की तरह ही चूस रहा था लेकिन थोड़ी ही देर में मुझे इस काम में मज़ा आने लगा और मैं जम कर उनके मम्मों को चाटने और चूसने लगा, उन्होंने मुझे कहा “देख आई न धीरे धीरे अक्कल अब इन्हें चूस के मुझे गरम कर दे”.

मैं नैना आंटी के मम्मे चूस रहा था और वो अपनी चूत को मसल रही थी, मैंने चूत की तरफ हाथ बढाया तो बोली “एक काम तो पूरा कर पहले” मैं झेंप गया फिर पता नहीं उन्होंने क्या सोचा और मेरा हाथ ले कर मेरी इंडेक्स फिंगर अपनी चूत में पेल दी. हालाँकि उनकी चूत ढीली थी लेकिन मेरे लिए चूत का ये पहला अहसास था तो मैं मज़े से अपनी ऊँगली उनकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा, इधर मेरा मुंह उनके मम्मों पर और ऊँगली उनकी चूत में और उधर उनका हाथ मेरे लंड पर जिसे वो मसलने में लगी थी.

मेरा नकारा लंड उनके हाथ के स्पर्श से फिर से एक झुरझुरी के साथ झड गया और उसके साथ ही मेरा कॉन्फिडेंस लेवल भी झड़ कर ज़मींदोज़ हो गया, नैना आंटी के हाथ में लगे मेरे वीर्य को वो ऐसे देख रही थी जैसे हलवाई चाशनी चेक करते हैं और फिर उन्होंने मेरे वीर्य में सनी अपनी ऊँगली बड़े सेक्सी तरीके से चाट ली. मैं बस रोने  को ही था और उन्हें अब भी सेक्स सूझ रहा था, नैना आंटी ने मेरे लुल पड़े लंड पर हाथ फेरा और कहा घबराओ मत तुम बस कण्ट्रोल करना सीखो और एक दिन तुम सेक्स के गुरु बन जाओगे और ये कह कर उन्होंने मेरी लुल पड़ा लंड अपने होठों से छुआ और लंड पर लगा वीर्य चाटने लगी.

मेरे होश उड़ गए और मेरे मुंह से निकला “उफ़ आंटी आप कितनी कमाल की हो” इस पर नैना आंटी ने मेरे लंड से अपना मुंह हटाया और कहा “अब भी आंटी कहेगा मुए मेरा नाम ले मुझे अपनी जान कह  मेरे राजकुमार”. मैंने मुस्कुरा कर कहा “ठीक है मेरी रानी, आज से मैं तुम्हे अकेले में आंटी नहीं कहूँगा लेकिन सबके सामने तो बोलना ही पड़ेगा ना” तो वो हँसकर बोली “हाँ यार वहां तो आंटी ही बोलना होगा” और ये कह कर वो वापस मेरे लंड को चाटने में लग गयी. अब मेरा सुपर सेंसिटिव लंड पहले जितने जल्दी खड़ा नहीं हुआ बल्कि धीरे धीरे हो रहा था, नैना ने मेरे लंड को चाट चाट कर खड़ा तो कर दिया था लेकिन इस में अभी वैसी स्टिफनेस नहीं आई थी सो इसके लिए वो लंड को पकड़ कर अपने मुंह में अन्दर बाहर करने लगी.

मैंने कहा “नैना ऐसे तो ये फिर से झड़ जाएगा प्लीज़” तो वो बोली “अब मत डर मेरे सोहणे अब ये तैयार हो रहा है” एक आध मिनट और चूसने के बाद नैना ने मुझे कहा “तू रुक, बस ठंडा मत हो जाना” वो अलमारी के सबसे नीचे वाले दराज़ से एक स्प्रे ले कर आई और मेरे फुल ऑन तने हुए लंड पर दो बार स्प्रे किया. ये काफी ठंडा था और मुझे लगा जैसे मेरा लंड बर्फ हो गया है, मैंने कहा “ये क्या है जान” तो वो बोली “इस स्प्रे से तेरा लंड काफी देर तक खडा रहेगा, तेरे अंकल के बुढ़ाते लंड को खडा रखने के लिए है लेकिन उन पर इसका भी ख़ास असर नहीं होता”.

मैंने कहा “अब ये वापस कब बैठेगा” तो नैना ने जवाब दिया “तू चिंता मत कर अब ये मेरी प्यास बुझा कर ही बैठेगा उस से पहले नहीं”, नैना ने सोफे के साइड में लगे दीवान पर लेटकर अपनी टांगें फैला दी और बोली “अब मेरी चूत में फंसा दे अपना जवान सैनिक”. मैंने वही किया और एक ही बार में ज़ोरदार झटके के साथ अपना नया नया रंगरूट नैना की चूत में एक ही बार में पेल दिया, मेरा लंड अभी अभी जवान हुआ था पर फिर भी छः इंच लम्बा था और उसकी मोटाई भी किस जवान लड़की को खुश करने के लिए काफी थी पर मुझे लगा कहीं नैना की एक्सपीरियंस्ड चूत के लिए कम ना रह जाए.

मैं सोच ही रहा था की नैना ने मुझे कहा “एक तो एक ही बार में नहीं डालते, ये तो मैं हूँ वरना कोई नई लड़की हुई तो मर जाएगी झटके से. और दूसरी बात चूत में डाल कर सिर्फ बैठना नहीं होता है इसे अन्दर बाहर कर और झटके दे अच्छे से”, पता नहीं मुझमें कहाँ से इतना कॉन्फिडेंस आया कि मैंने नैना से कहा “हाँ हाँ पता है देखा है मैंने” तो वो हंस पड़ी और बोली “तो बस जो देखा है न वही कर पूरे जोर से”. नैना से हरी झंडी मिलते ही मैंने लंड को फुल पॉवर धक्कों के साथ उनकी चूत में पेलना शुरू किया और तब शायद नैना को मेरे लंड के जवान होने का अहसास हुआ इसीलिए वो सिस्कारियां भरने लगी.

नैना लगातार चिल्ला रही थी “शाबास मेरे चीते इसी तरह पेल मुझे, यही तो चाहिए था ऊऊह मेरी प्यास बुझा मेरा त्रास मिटा मेरे घोड़े”, मैं उनकी बातें सुन कर हंस भी रहा था और उन्हें पूरी ताकत से चोद भी रहा था. नैना को बुरी तरह से चोदते वक़्त  मुझे लगा मेरा लंड थोडा और फूल गया है और मोटा भी हो गया है शायद ये उस स्प्रे का ही एक असर था और इसीलिए नैना अब और जोर से चिल्ला रही थी. नैना ने ऊऊह आआअह्ह्ह करते करते एक ज़ोर की साँस छोड़ी जिस से मुझे पता चला की वो झड़ गई है पर उनकी चूत में से ज्यादा पानी नहीं निकला जैसे सी डी में देखा था.

नैना ने मेरे होठों को चूम लिया और गहरी साँस लेते हुए उन्हें चूसने लगी फिर उन्होंने मेरे लंड को देखा जो अब भी खड़ा हुआ था और पहले से ज्यादा मोटा भी लग रहा था, मैंने भी एक नई चीज़ नोटिस की और वो थी मेरे लंड की चमड़ी जो नीचे खिसक गई थी और मेरे लंड काक सुपाड़ा खुल कर सामने आ गया था. नैना ने मेरे लंड को पकड़ा और पागलों की तरह चूमने लगी, वो मेरे लंड को अपने मुंह में अन्दर बाहर कर रही थी लेकिन मुझे असर अब उतना नहीं हो रहा था शायद उस स्प्रे की वजह से.

अब नैना ने वापस लेट कर अपनी टांगें फैलाई और मुझे लंड घुसाने का इशारा किया, मैंने तुरंत एक आज्ञाकारी स्टूडेंट की तरह इंस्ट्रक्शन फोलो किए लेकिन नैना ने अपनी दोनों टांगें मेरे कन्धों पर टिका दी जिस से उसकी चूत उभर के सामने आ गई फिर से इशारा मिलते ही मैंने अपना लंड नैना की चूत में फंसा दिया. नैना की चूत अब पहले से ज्यादा गरम हो गई थी और मेरा लंड उसमें लगी आग बुझा रहा था या और बढ़ा रहा था पता नहीं. इस बार एक तो लंड ज्यादा फूला हुआ था दुसरे पोजीशन नई थी और तीसरे मेरे झटकों में भी कॉन्फिडेंस आ गया था सो नैना ५ मिनट में ही झड़ गई.

नैना ने कहा “यार अब मेरी चुदने की हिम्मत नहीं है तो मैं तेरे लंड को दुसरे तरीके से शांत करुँगी” ये कहकर नैना ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसे अपने मुंह में अन्दर बाहर करने लगी, साथ ही वो मेरे लंड को मुट्ठी में ले कर मसाज भी कर रही थी. नैना ने चूस चूस कर मेरा लंड लाल कर दिया था और उसकी हिम्मत अभी भी ख़त्म नहीं हुई थी पर मुझे लगा की अब मेरे लंड की हिम्मत जवाब दे देगी और हुआ भी यही, जैसे ही स्प्रे का असर कम हुआ मेरे लंड ने तीन चार ज़बरदस्त पिचकारियों में साला का सारा माल नैना के मुंह मम्मों आँख सोफे सभी जगह फैला दिया जिसे नैना हर जगह से चाट गई.

हम दोनों एक साथ दीवान पर नंगे ही लेट गए, नैना ने मुझसे कहा “कैसा लगा राजकुमार” मैंने कहा “ये बहुत ज़ोरदार एक्सपीरियंस था, पर अगर अब तुम मुझसे नहीं चुदवाओगी तो मुझे फिर से मुठ मारनी पड़ेगी”. नैना ने मेरी छाती पर हाथ फेरते हुए कहा “नहीं मेरे राजे तुझे मुठ नहीं मारनी पड़ेगी, जब तक मैं हूँ तब तक नहीं लेकिन मैं जब बुड्ढी हो जाऊँगी तब तक कोई जवान माल पटा लेना या शादी कर लेना और लंड को हमेशा खुश रखना”. मैंने नैना की हर बात पर तरीके से अमल किया सबसे पहले मैंने नैना की बेटी टीना को ही पटा कर चोद लिया उसकी शादी के बाद उसकी बुआ की, चाचा की लड़कियों और टीना की एक नई जवान मामी को भी चोदा लेकिन इस सबके बारे में कभी भी नैना को नहीं बताया. ये सब कहानियाँ भी जल्दी ही आपके सामने रखूँगा, हैप्पी फकिंग.