नमस्ते दोस्तों में विजय हाज़िर हूँ। अपनी पहली स्टोरी लेकर, मेरी उम्र 21 साल है। अच्छा और सभ्य बन्दा हूँ

बात उस समय की हैं जब में कोटा शहर में अपनी आगे की पढ़ाई करने गया, वहां किराये के कमरों की बहुत डिमांड हैं।

वहां काफी ढूंढने के बाद मुझे एक कमरा किराये मिला

वो घर किसी फैमिली का था उसमें अंकल आंटी और उनकी तीन लडकिया रहती थी

आंटी का नाम अनीता था वो एक हाउसवाइफ थी 5’6″ उनकी हाइट थी और 34 के बूब्स थे

कहानी की तरफ आता हूँ दोस्तो

आंटी के घर मे रूम ले लिया था ! दिनचर्या बिल्कुल रोज़ की तरह थी. अंकल अपनी दुकान पे चले जाते थे उनकी लड़किया स्कूल जाती थी ओर मैं अपने कॉलेज पर एक दिन मैं अपने दोस्त को रूम पे लाया वो बोले की ये तुम्हारी मकान मालकिन का व्यवहार सही नही हैं पर मेने माना नही क्यूकी आंटी मुझसे अच्छि तरह बात करती थी.

एक दिन मैं कॉलेज से आने मे लेट हो गया अपने रूम मे जाके सो गया थके होने की वजह से मेरी नींद लग गयी मेरी नींद १२ बजे रात्रि मे खुली क्यूकी मुझे आंटी की आवाज़ आ रही थी वो मेरे रूम के पास सीडी पे बैठ क फोन पे बात कर रही थी ओर बाकी सब सो गये थे .मैने कान लगा के सुना तो आंटी उनकी फ्रेंड से बात कर रही थी

आंटी- अरे विजय आया है रूम मे मुझे बाड़िया बंदा लगा फ्रेंड्ली हैं पर पता नही वो मेरी प्राब्लम समझेगा या नही
मैं आज उससे बात करूँगी

थोड़ी देर बाद मैं मेरे बेड पे लेटा था तो दरवाज़े पे दस्तक हुई. मैने गेट खोला

आंटी – विजय क्या तुम्हारी पास कुछ खाने को है

मैं- जी आंटी

मैने आंटी को कुछ खाने को दिया

आंटी-मेरे किचन मे कुछ था नही तो मैं आ गयी

मैं- कोई बात नही आप खा लीजिए

आंटी-अब क्या करोगे

मैं- आंटी बस थोड़ा पड़ाई करके सोना हैं

आंटी- क्या तुम मेरा एक काम कर सकते हो

मैं- जी आंटी कहिए

आंटी – मेरा हेड मसाज कर दोगे

मैने – आंटी बहुत रात हो गयी हैं कल कर दुगा

आंटी- मुझे मसाज की ज़रूरत आज हैं

मैं- आंटी अंकल ने देख लिया या अंकल आ गये तो

आंटी – अंकल आज नहीं आयेगे वो काम से बाहर गए हैं

मैं – ठीक हैं आंटी करता हूँ

मैं आंटी की मसाज करने लगा मुझे आंटी की क्लेवेग (बूब्स की दरार ) दिख रही थी तो मैं इधर उधर देख के मसाज करने लगा

आंटी – तू इधर उधर कहा देख रहा हैं इतनी बुरी हु क्या मैं

मैं – नहीं आंटी ऐसे ही बस

आंटी- समझ रही हूँ क्यों नज़र हटा रहा हैं टेंशन मत कर देख सकता हैं

मैं – नही आंटी मैं नही देख रहा

आंटी – तूने कभी किसी के स्तन नही देखे क्या सच बता

मैं – नही आंटी

आंटी थोड़ी देर आँखे बंद कर मुझे ब्लाउज एडजस्ट करना हैं

मैंने आँखे बंद कर ली

आंटी – आँखें खोल लो

मैंने आँखें खोली तो देखा आंटी ने ब्लाउज खोल दिया और रेड कलर की ब्रा थी

मैं – आंटी क्या हैं ये सब

आंटी – तू चुप रह कुछ बता रही हु न वो समझ

मैं – आंटी मुझे डर लग रहा हैं आप जाओ

आंटी – अरे यहाँ कोई नही हैं तू बस देख और समझ

आंटी ने मेरा हाथ पकड़ा और ब्रा के उपर से स्तन पे रख दिया बोली कैसा लगा

मैं – आंटी अच्छा लगा पर अजीब लग रहा हैं

आंटी – आज के बाद नही लगेगा अजीब आँखें बंद कर वापस

मैंने आँखें बन्द करी. मेरे मुह पर कुछ लग रहा था तो मैंने आँखें खोली तो आंटी अपना निप्पल मेरे मुह में डाल रही थी

मैंने जैसे ही निप्पल चूसा उसमे थोडा दूध निकला

आंटी – दबा कर देख इन्हें

मैंने दबाना स्टार्ट किया फिर आंटी ने मेरे होंठ पर अपने होंठ रखे और चूमने लगी मुझे ये सब अच्छा लग रहा था क्युकी यह पहली बार था
फिर मैंने कहा काफी हैं न आंटी अब

आंटी- अभी तो शुरु हुए हैं

मैं – अब क्या बचा हैं
आंटी साड़ी उतरने लगी फिर पेटीकोट का नाडा खोलने लगी पर वो नही खुल रहा था तो उन्होंने मेरी मदद मांगी तो मैंने उसे खोला
आंटी रेड कलर की ट्रांस्पिरांत पेंटी में थी मुझे अजीब लग रहा था आंटी सिर्फ पेंटी में थी

वो मेरा पायजामा खोलने लगी मुझे शर्म आ रही थी

तो आंटी ने कहा – जब औरत होक मुझे शर्म नही आ रही तो तू क्यों इतना शर्मा रहा हैं

मैं – आंटी पहली बार किसी के सामने कपडे उतार रहा हूँ

आंटी ने मेरी अंडरवैर भी उतार दी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी

फिर मेरा लंड खोल कर उसके टोपे पर किस किया और पूरा लंड मुंह में ले लिया मुझे लगा टॉयलेट आ रही हैं मेरा शरीर में सिहरन दोड़ने लगी मैंने आंटी से कहा तो

आंटी – मेरे पेट पे कर जो करना हैं फिर मैंने उनके पेट पर लंड किया तो उसमे से सफ़ेद सफ़ेद गाड़ा सा पदार्थ निकला उस दिन मुझे पता लगा वीर्य ये होता हैं

फिर आंटी ने लण्ड को वापस मुह में लिया और वापस खड़ा किया बोली की मेरी पेंटी उतार मैंने उनकी पेंटी उतारी तो उनकी चूत पर छोटे छोटे बाल थे

आंटी एक टेबलेट खाने लगी

मैं – आंटी इससे क्या होगा

आंटी- इससे मैं प्रेग्नेंट नही हौगी

आंटी- अब जेसा कहू वैसा कर

आंटी निचे लेट गयी और मुझे उपर आने को कहा

आंटी ने मेरा लौडा पकड़ा और चुत पर टिकाया और कहा धक्का दे

मैंने धक्का दिया पर मेरा लंड फिसल गया

आंटी ने वापस मेरा लंड सेट किया और कहा धक्का लगा

मैंने धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया मुझे बहुत अच्छा लगा मेने और जोर लगाया तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया फिर आंटी ने कहा आगे पीछे हो और धक्का लगा मैंने वैसे ही किया २५ मिनट चुदाई करने के बाद

मैं – आंटी मेरा निकलने वाला हैं

आंटी- अन्दर ही छोड़ दे

इतना कहने क बाद में अन्दर झड गया

मैंने लण्ड बाहर निकला आंटी से चाट कर साफ किया और हम सो गये सुबह ५ बजे आंटी उठ कर चली गयी